
“महाराष्ट्र मे शादी के लीये लडकी ना मिलना,बडी समश्या!!क्या सरकार हस्तक्षेप करेगी” गौरमतलब यह है की,जीस तरह पढलिखकर,सुशिक्षित बेकारोंकी संख्या बड रही है,उसी तरह उमर बड रही है। हरेक लडकी वालोंको लडका कमाउ,खेती बाडीही वाला चाहीये, सरकारी नौकरी चाहीये। कारणवश नवजवानोंकी शादी होते होते रह जा रही है। क्या ईन नवजवानोंको अपनी शादी समय रहते करने का अधिकार नही,सरकारी नितीके रहते बेकारोंकी बेहीसाब संख्या बड रही है। सरकार हस्तक्षेप करके नवजवानोके साथ शादी करणेके लीये प्रोत्साहन राशी देनी चाहीये। ताकी वह अपनी तथा परिवार की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। और जीन लडकियों के पालक की अपेक्षा बडी है। वह पुरी हो सके। यह हर समाज, परिवार की मांग है। वह गरीब हो या मध्यमवर्गीय सभी को अपने पाल्य की फिकर होना लाजमी है। क्या सरकार अपनी निती मे यह मुद्दा समज पायेगी,?क्या बडती उमरवाले नवजवानकी समय रहते जीवनी सुधारनेमे मदत करेगी। ?










