
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट

बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद सोमवार को एक सड़क हादसे का शिकार होने से बच गए। हादसा बलिया-रसड़ा हाईवे पर माधोपुर-संवरा के बीच हुआ, जब अचानक सड़क पर एक भैंस आ गई। ड्राइवर ने जानवर को बचाने की कोशिश में गाड़ी मोड़ दी, लेकिन इस दौरान वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा टकराया। हादसे में गाड़ी का बोनट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
गनीमत रही कि मंत्री और ड्राइवर दोनों सुरक्षित हैं। हादसे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गाड़ी की क्षतिग्रस्त हालत स्पष्ट दिख रही है।
हादसे के बाद अफरातफरी, दूसरी गाड़ी से हुए रवाना
हादसे के वक्त मंत्री संजय निषाद पिछली सीट पर बैठे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने तुरंत दूसरी गाड़ी की व्यवस्था कर मंत्री को सुरक्षित रवाना किया। मंत्री उसी दिन रसड़ा पहुंचे और अपने निर्धारित कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
हादसे से पहले हुई थी बैठक
जानकारी के मुताबिक, मंत्री संजय निषाद बलिया जिला मुख्यालय स्थित पीडब्ल्यूडी डाक-बंगले में अधिकारियों के साथ बैठक कर रसड़ा के कार्यक्रम में जा रहे थे। रास्ते में यह हादसा हो गया। मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने मंत्री का हालचाल लिया और उन्हें सुरक्षित रवाना किया।
AIMIM पर साधा निशाना
रसड़ा कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री ने मीडिया से बातचीत में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव को ‘लुटेरा’ बताना और मसूद गाजी को उनका विरोधी कहना देश को बांटने और अशांति फैलाने की साजिश है।
डॉ. निषाद ने चेतावनी भरे लहजे में कहा—
“ऐसे लोग अगर इसी तरह के बयान देंगे तो जनता उन्हें उठा कर बाहर फेंक देगी। इस तरह की सोच रखने वालों को पाकिस्तान या अफगानिस्तान चले जाना चाहिए। वीर योद्धाओं को बदनाम करना असल में उन आक्रांताओं के वंशज होने का सबूत है जिन्होंने भारत पर राज किया।”
उन्होंने आगे कहा कि निषाद समाज शांति पसंद है, लेकिन देश के वीरों का अपमान सहन नहीं किया जाएगा।
पहले भी हो चुका है हादसा
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मंत्री संजय निषाद के काफिले का एक्सीडेंट हुआ हो। लगभग आठ महीने पहले खेजुरी थाना क्षेत्र के जनुवान गांव के पास उनके काफिले की एक गाड़ी पलट गई थी, जिसमें चालक समेत पांच महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उस समय मंत्री खुद अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल लेने और इलाज की निगरानी करने पहुंचे थे।










