
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती में सनसनी: किराना व्यापारी की गला रेतकर निर्मम हत्या, खून से सनी मिली ‘समय माता’ की चौखट
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)
- खून से लाल हुई ‘समय माता’ की चौखट: गायब मनोज तिवारी का मिला लहूलुहान शव, पैसों के लेनदेन में अपनों ने ही किया विश्वासघात!
- बस्ती मर्डर मिस्ट्री: दुकानदार की बेरहमी से हत्या, साजिश की बू; जांच में जुटीं पुलिस की कई टीमें!
- मस्जिदिया के मनोज तिवारी की निर्मम हत्या: मंदिर के पास मिला शव, गायब मोबाइल और नमकीन के पैकेट ने उलझाई गुत्थी!
बस्ती। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे देवस्थानों को भी अपनी दरिंदगी का केंद्र बनाने से नहीं चूक रहे। बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में एक 40 वर्षीय किराना व्यापारी की गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्यारों ने इस वारदात को इतनी बेरहमी से अंजाम दिया कि इलाके में दहशत का माहौल है।
साजिश के तहत ‘दावत’ और फिर मौत
मस्जिदिया गांव निवासी मनोज तिवारी, जो बुधईपुर रोड पर किराना की दुकान चलाते थे, शनिवार शाम से लापता थे। परिजनों का कहना है कि उनका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। रविवार सुबह कप्तानगंज के करचोलिया गांव स्थित समय माता मंदिर के पास उनकी खून से लथपथ लाश मिलने से हड़कंप मच गया।
शव की हालत देखकर साफ पता चलता है कि हत्या पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी। मनोज टी-शर्ट और हाफ लोअर में थे, और शव के पास नमकीन का पैकेट बरामद हुआ है। स्थानीय हलकों में चर्चा है कि हत्यारों ने पहले मनोज को शराब पिलाई और फिर नशे की हालत में धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया।
पैसों का लेनदेन या कोई करीबी गद्दार?
पुलिस की प्राथमिक जांच की सुई पैसों के लेनदेन की ओर घूम रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि किसी करीबी ने ही विश्वासघात कर मनोज को सुनसान जगह पर बुलाया और इस खूनी खेल को अंजाम दिया। पुलिस अब मनोज के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) और इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि आखिरी वक्त में उनके साथ मौजूद चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
पुलिस की सक्रियता और अनसुलझे सवाल
घटना की सूचना मिलते ही सीओ कलवारी संजय सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।
बड़ी चुनौतियां:
- क्या पुलिस उन ‘करीबियों’ तक पहुँच पाएगी जिन्होंने दावत के बहाने मौत का जाल बुना?
- मंदिर जैसे पवित्र स्थान के पास हत्या कर अपराधियों ने पुलिस के इकबाल को सीधी चुनौती दी है।
- आखिर मनोज तिवारी का मोबाइल किसने और कहाँ बंद किया?
कप्तानगंज पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस संदिग्धों को चिह्नित करने के लिए दबिश दे रही है।
















