
बेंगलूरु। श्री कृष्णा गौ सेवा आश्रम होसुर बंडे की गौशाला में मंगलवार सुबह एक बड़ी आगजनी की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 11:30 बजे गौशाला के चारा गोदाम में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग मुख्य रूप से सूखी घास और शेड के हिस्से में फैल गई, जिससे गोमाताओं के लिए रखा गया भारी मात्रा में चारा जलकर राख हो गया। गौरतलब है कि इस गौशाला में हजारों गोमाताओं का पालन-पोषण किया जाता है और इसका संचालन गौसेवक पुखराज जी महाराज के नेतृत्व में किया जा रहा है, जो लंबे समय से निस्वार्थ भाव से गौ सेवा में लगे हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों की संख्या में गौभक्त मौके पर पहुंच गए और बिना किसी संसाधन के भी आग बुझाने में जुट गए। वहीं फायर ब्रिगेड की तीन दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद करीब 24 घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद नहीं रही। हालांकि, जहां एक ओर गौभक्तों और फायर ब्रिगेड की तत्परता सराहनीय रही, वहीं प्रशासनिक अमले की कार्यशैली सवालों के घेरे में नजर आई। बताया जा रहा है कि आग सुबह 11:30 बजे लगी, लेकिन स्थानीय विधायक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी शाम करीब 6:30 बजे घटनास्थल पर पहुंचे।
स्वामी पुखराज महाराज ने बताया कि आग की इस भयावह घटना में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। दोनों शेड में रखा लाखों रुपये का चारा पूरी तरह जलकर खाक हो गया, साथ ही शेड भी पूरी तरह नष्ट हो गए।
इस घटना से गौशाला को भारी आर्थिक क्षति हुई है और गोभक्तों में गहरा दुःख एवं आक्रोश देखा जा रहा है।
स्वामी पुखराज महाराज एवं उनके साथ सैकड़ों गोभक्तों ने गौशाला में हुई घटना के विरोध में चार किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए बागलुर पुलिस स्टेशन पहुंचकर एफआईआर दर्ज करवाई।
स्थानीय लोगों ओर गौभक्तों में इस बात को लेकर भी आक्रोश देखा गया कि यदि समय रहते प्रशासन सक्रिय हो जाता, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। लोगों ने प्रशासन की धीमी प्रतिक्रिया को लेकर नाराजगी जताई और भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं दोहराने की मांग की। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण सूखी घास बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। कुछ लोगों ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस दुखद घटना में भले ही किसी गोमाता के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन उनके लिए रखा गया चारा पूरी तरह जलकर खाक हो गया, जिससे आने वाले दिनों में गौशाला के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। गौशाला प्रबंधन ने सभी गौभक्तों, स्वयंसेवकों और फायर ब्रिगेड का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने संकट की इस घड़ी में आगे बढ़कर सहयोग किया। साथ ही प्रशासन से मांग की गई है कि आगजनी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
ओ