
प्रसिद्ध समाजसेवी मेधा पाटकर की मंझौल में सभा मंझौल (बेगूसराय)
काबर झील पक्षी विहार परियोजना से विस्थापित हो रहे किसानों की ओर से आयोजित किसान सभा और मुसहर बस्ती बचाओ सम्मेलन में आज देश की प्रसिद्ध समाजसेवी और नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर का संभाषण हुआ।किसानों से संवाद करते हुए मेधा पाटकर ने कहा कि मुसहर बस्ती को पुनर्वास के नाम पर अगर किसानों का विस्थापन हो तो इस धोखे की हकीकत को समझना चाहिए।काबर क्षेत्र के हर किसान को 2013 का भू अधिग्रहण कानून पढ़ लेना चाहिए ।आपको अधिकारियों से पूछने का अधिकार है कि उनकी जमीन पर कब्जा क्या भू अधिग्रहण कानून की शर्तों के आधार पर हो रहा है।नीतीश कुमार ने समाजवादियों का सहारा लेकर राजनीतिक यात्रा की तो उनकी जिम्मेवारी बनती है कि काबर झील पक्षी विहार परियोजना से प्रभावित किसानों, मछुआरों,महादलित मुसहरों की समस्या का समाधान करते हुए वे दिल्ली जाएं।किसानों की सभा में मेधा पाटकर ने नारे लगाए।” कौन बनाता हिंदुस्तान,भारत का मजदूर किसान”। ” खेती बचाओ,जीवन बचाओ”।काबर संघर्ष में शहीद किसान बच्चा सिंह अमर रहें।स्वतंत्रता सेनानी रामखेलावन शास्त्री अमर रहें।
शबरी वंश मुसहर बस्ती बचाओ संघर्ष समिति, जयमंगला गढ़ की ओर से आयोजित मुसहर बस्ती बचाओ सम्मेलन में मेधा पाटकर को पटना हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता सरोज देवी और काला देवी ने स्त्री समूह के साथ माता जयमंगला का खोँइछा भेंट किया।जयमंगला गढ़ के स्त्री समूह ने काबर और जयमंगला देवी की महत्ता पर स्वसृजित गीत गाए। मेधा पाटकर ने कहा कि मुझे लगता है कि माता जयमंगला आपको उजड़ने नहीं देंगी।जो माताएं मुझसे रोते हुए मिलने आईं,उनके आंसू में तड़प की आग है। हम युद्ध के कत्लेआम और विस्थापन की पीड़ा के त्राहिमाम को एक तरह देखते हैं।किसी भी पुरानी बस्ती को उजाड़ना एक तरह का युद्ध थोपना है।अधिकारी दलित होते हुए महादलितों के साथ नाइंसाफी करें तो इसे अत्याचार कहा जाएगा।आपको अतिक्रमणकारी कहना कीड़े- मकोड़े मानकर उजाड़ने की कोशिश करना अन्याय है।हम अधिकारी महोदय से निवेदन करते हैं कि आप अपनी कुर्सी को मानवतावादी बनाएं।मुख्य न्यायाधीश ने ,न्यायधीश ने जिन्हें अधिकृत माना है,वे अपनी धरती ,अपने आवास के अधिकारी हैं।अधिकृत महादलित बस्ती का विद्यालय बंद कर देना माननीय उच्च न्यायालय की अवमानना है।मेधा जी ने जन समूह के साथ नारे लगाए। “महिला शक्ति आई है,नई शक्ति लाई है।”
मेधा पाटकर ने अधिकारियों के द्वारा किसानों की जमीन कब्जा करने की वजह से सदमे से मृत किसान सुरेन्द्र सिंह के परिवारजनों से मिलकर उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि की और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी गोविंद कुमार पर हमले की निंदा की।
आयोजन में कोशी निर्माण मंच के संयोजक महेंद्र यादव,वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ,प्रभु नारायण झा ,राजेश सुमन,गंगासागर भी शामिल थे।सभा का संचालन किसान नेता वल्लभ बादशाह और लेखक पुष्पराज ने किया।





