
” भारत “देश के ‘संविधान’निर्माते डॉ.बाबासाहेब अंबेडकरजी के पोते एड.प्रकाशजी अंबेडकर कर को मिले “भारतरत्न” बहुजन जनता की आवाज। हमारे भारत मे विशेष कार्य करने वांलो को यह सर्वोच्च पुरस्कार मिलता है। गौरमतलब यह है की एड.प्रकाशजी का कार्य बाकी राजनितीयोंसे बहोत अलग समझा जा सकता है। वे राजकिय कार्य करते समय अपने पक्ष मे जाती,या विशेष व्यक्ती को स्थान देते हुवे नही दिखे। आज के दोर मे राजनीतिक पक्ष जात धरम की राजनिती कर सत्ता हस्तगत करते है। और विशेष जातीकोही नेतृत्व की कमान संपते दिखाई पडते है। लेकीन प्रकाशजी का जो पक्ष उसका नाही ‘बहुजन’से जुडा है। आज के दौर एक ही झेंडे के जनता को लाना हलका काम नही। सभिको साथ लेकर (समाजिक)राजनिती करना देश, समाज हीत मे होती है। यह विशेष कार्य मा.एड,प्रकाशजी अंबेडकर जी के शिवाय कोई करता दिखाई नही पडता। यही कार्य निती साहेब को अलग दिखाती है। आज कल सत्ता हत्यानेकी दौड दिखाई पडती है। सो 1985 से कार्य प्रकाशजी का सराहनीय है। वैसे साहेब को विशेष पुरस्कार देकर डॉ.बाबासाहेब अंबेडकरजी को सच्ची प्रमाणिक श्रद्धांजली होगी। तथा देश को कृतज्ञता व्यक्त करने सुनहरा मौका मिलेगा। यह हरटपके के, बहूजन की पुरे राज्य,देश की पुकार होगी उसमे कोई दौराहा नही होगा।










