A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरे

युवती को मिला उसका भविष्य,3 दिन में ढूंढ निकाला गुम हुआ महत्वपूर्ण दस्तावेजो से भरा बैग

सागर। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664*जिला सागर पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता, तत्परता एवं तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए एक युवती का अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग लगातार तीन दिनों तक मेहनत कर ढूंढकर सुरक्षित वापस दिलाया है। यह बैग उसके करियर एवं भविष्य से सीधे जुड़ा हुआ था, जिसकी गुमशुदगी से वह अत्यधिक चिंतित एवं व्यथित थी। प्राची रजक, निवासी गायत्री नगर मकरोनिया, जो कि टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस में कार्यरत हैं, दिनांक 27.04.2026 को अपने घर से ऑफिस जाते समय मकरोनिया से ऑटो द्वारा राधा तिराहा पहुंची। जल्दबाजी में उतरते समय उनका बैग ऑटो में ही छूट गया, जिसका उन्हें तत्काल ध्यान नहीं रहा। कुछ समय बाद बैग की याद आने पर वह अत्यधिक घबराई हुई स्थिति में सागर पुलिस कंट्रोल रूम पहुंची और बताया कि बैग में उनके ऑफिस के महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं, जो उनके पूरे करियर के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।मामले की गंभीरता को समझते हुए कंट्रोल रूम में पदस्थ उप निरीक्षक आरकेएस चौहान द्वारा तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा को सम्पूर्ण घटना से अवगत कराया गया।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा तुरंत बैग एवं दस्तावेजों की खोज हेतु प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। पुलिस कंट्रोल रूम सागर की टीम एवं ट्रैफिक थाना से पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक रेखा रजक को सीसीटीवी फुटेज खंगालने हेतु लगाया गया। लगातार फुटेज देखने पर प्राची रजक को राधा तिराहा पर ऑटो से उतरते हुए चिन्हित किया गया, जिससे संबंधित ऑटो की पहचान तो हो गई, परंतु वाहन का नंबर स्पष्ट नहीं हो पाया। इसके बाद पुलिस द्वारा उक्त ऑटो की फोटो एवं जानकारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं ऑटो चालकों के बीच व्यापक रूप से प्रसारित (वायरल) किया गया तथा मुखबिर तंत्र भी सक्रिय किया गया। लगातार तीन दिन की मेहनत, समन्वय एवं प्रयासों के बाद संबंधित ऑटो चालक की पहचान कर उसे कंट्रोल रूम बुलाया गया। उसके पास से प्राची रजक का बैग सुरक्षित बरामद कर लिया गया, जिसमें सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित पाए गए। अपना बैग एवं दस्तावेज सुरक्षित वापस मिलने पर प्राची रजक अत्यंत भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि मैं और मेरा परिवार पिछले तीन दिनों से बहुत परेशान थे, उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। सागर पुलिस कंट्रोल रूम एवं पूरी टीम ने मेरी जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण चीज मुझे वापस दिला दी, जिसके लिए मैं सदैव आभारी रहूंगी। इस कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में सागर पुलिस कंट्रोल रूम (CCTV) टीम, ट्रैफिक पुलिस एवं समस्त स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही, जिनकी सतत मेहनत, तकनीकी विश्लेषण एवं संवेदनशीलता के चलते यह संभव हो पाया। सागर पुलिस द्वारा आमजन को यह संदेश दिया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सदैव तत्पर है और आधुनिक तकनीक एवं मानवीय संवेदनशीलता के साथ नागरिकों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।

Back to top button
error: Content is protected !!