
निवाड़ी/ओरछा।
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर शनिवार को ओरछा स्थित स्वामी सरस्वती दयानंद आश्रम के सभागार में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टीकमगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती प्रवीणा व्यास के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में ओरछा न्यायालय की वरिष्ठ व्यवहार न्यायाधीश श्रीमती भावना सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। निर्भया प्रोजेक्ट एवं बालिका पंचायत क्षमता वर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण स्वावलंबन समिति के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालिकाओं ने सहभागिता की।
न्यायाधीश भावना सिंह ने बालिकाओं को नालसा (नई दिल्ली) की “बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं एवं उनके संरक्षण हेतु विधिक सेवाएं योजना–2015” की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान बच्चों को जाति, धर्म, लिंग, भाषा अथवा वंश के भेदभाव के बिना सम्मानपूर्वक जीवन, विकास और संरक्षण का अधिकार प्रदान करता है।
उन्होंने बालिकाओं को जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, किशोर न्याय अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार, पॉक्सो अधिनियम सहित बच्चों से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया कि अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में निःशुल्क विधिक सहायता कैसे प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में विधिक सहायक आरिफ खान, ग्रामीण स्वावलंबन समिति के जिला समन्वयक रामप्रकाश, नीरज, भारती अहिरवार, टीना वर्मा, शीतल, माया सहित बालिका पंचायत की बालिकाएं एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।











