
समीर वानखेडे ब्युरो चीफ:
मध्य रेलवे में विदेशी पर्यटक (एफटी) कोटे का दुरुपयोग कर टिकट बुकिंग का बड़ा घोटाला सामने आया है। भारतीय यात्रियों द्वारा फर्जी तरीके से विदेशी पर्यटक कोटे से टिकट खरीदने के 39 मामले पकड़े गए हैं। रेलवे ने इनसे 3 लाख 56 हजार 916 रुपये जुर्माना वसूला है।
संघमित्रा एक्सप्रेस में खुला मामला
यह गड़बड़ी 4 मई को ट्रेन नंबर 12296 संघमित्रा एक्सप्रेस में सामने आई। जांच में पता चला कि कुछ भारतीय यात्री बिना जरूरी दस्तावेजों के एफटी कोटे की टिकटों पर सफर कर रहे थे। इसके बाद मध्य रेलवे ने एफटी कोटे के तहत हुई भविष्य की बुकिंग का विस्तृत विश्लेषण किया।
जांच में सामने आया कि 24 अप्रैल 2026 से 11 जून 2026 के बीच एफटी कोटे के तहत मध्य रेलवे की 31 ट्रेनों के लिए *174 पीएनआर* बनाए गए थे।
विशेष जांच में 121 यात्री पकड़े गए
एफटी कोटे की टिकटों की सत्यता जांचने के लिए मध्य रेलवे के टिकट चेकिंग स्टाफ ने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान एफटी कोटे का गलत इस्तेमाल कर बुक किए गए 39 पीएनआर. मिले। कुल 121 यात्री अनियमित तरीके से यात्रा करते पाए गए।
नियमों के तहत इन यात्रियों से 3,56,916 रुपये जुर्माना वसूला गया। इन्हें बर्थ पर बैठने की अनुमति नहीं दी गई। खाली हुई बर्थ को बाद में आरएसी/वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को आवंटित कर दिया गया।
आईआरसीटीसी से मांगी जानकारी
रेलवे यह भी जांच कर रहा है कि इस फर्जीवाड़े में कोई अधिकृत बुकिंग एजेंट शामिल है या नहीं। इसके लिए आईआरसीटीसी से अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है। एफटी कोटे के तहत अनधिकृत बुकिंग में शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान के लिए जांच जारी है।
बिना दस्तावेज यात्रा करना अपराध
मध्य रेलवे ने स्पष्ट किया है कि अपात्र कोटे के तहत टिकट बुक करना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। यात्रियों को जिस कोटे से टिकट लिया है, उससे जुड़े वैध पहचान पत्र और सभी जरूरी दस्तावेज यात्रा के दौरान साथ रखने होंगे।
139 या रेल मदद ऐप पर दें सूचना
मध्य रेलवे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यात्रियों से अपील की है कि एफटी कोटे के दुरुपयोग की जानकारी नजदीकी रेलवे कर्मचारी को, 139 हेल्पलाइन पर या रेल मदद ऐप के जरिए तुरंत दें। साथ ही यात्रा से पहले टिकट की वैधता और सही कोटे की जांच जरूर कर लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।
मध्य रेलवे ने एफटी कोटे के दुरुपयोग के खिलाफ अपनी मुहिम और तेज कर दी है।






