
वैदिक चर्या: विद्यार्थियों और मानव जीवन के लिए एक अमूल्य वरदान
सफलता का दूसरा नाम – वैदिक चर्या और योगेश शर्मा
जिला मैहर अंतर्गत तहसील अमरपाटन में
[सरस्वती शिशु उच्च. माध्य. विद्यालय] पर “वैदिक
चर्या के लाभ और इसका विद्यार्थियों एवं मानव जीवन
पर प्रभाव” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का
आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वैदिक
जीवनचर्या के महत्व को उजागर करना और इसे
अनुपालन कर रहे विद्यार्थियों और लोगों मे इससे हुए
लाभों वा जीवन परिवर्तनों को समाज के हर व्यक्ति के
जीवन में लागू करने का प्रयास एवं इसके लाभों को
समझाना था।
संस्थान ग्रुप 21 द्वारा एक विशिष्ट आध्यात्मिक
आयोजन “वेदों की ओर” का आयोजन किया गया।
इस पावन कार्यक्रम का विषय *वैदिक चर्या प्रयोग
विद्यार्थी एवं मानव जीवन पर प्रभाव* रहा है, जिसमें
विद्यार्थियों के पूरे परिवार सदस्यों सहित, समाज के
विभिन्न आयामों के गणमान्य अतिथियों एवं छात्रों का
सान्निध्य प्राप्त करना सौभाग्य का अवसर रहा।
कार्यक्रम के सूत्रधार एवं वैदिक सनातन समुदाय (ग्रुप
21) के प्रमुख श्री योगेश शर्मा जी हैं, जो कि एक
जानेमाने शिक्षाविद, वैदिक एवं कौशल विकास के देश
के सुप्रसिद्ध प्रशिक्षक हैं। आपको देश के शीर्षस्थ
संस्थान अक्सर ही लेक्चर के लिए आमंत्रित करते रहते
हैं। योगेश शर्मा पिछले 15 सालों से ग्रुप 21 अपने
कुशल मार्गदर्शन में चला रहें हैं। आज इनके द्वारा ट्रेनड
विद्यार्थियों की संख्या कई हज़ारों मे है, जो कि देश-
विदेश के विभिन्न आयामों में शीर्षस्थ भूमिका निभा रहें
हैं। इनकी अद्वितीय प्रतिक्षण प्रणाली अत्यंत कारगर
एवं पूर्णतः निशुल्क होती है। ग्रुप 21 द्वारा प्रशिक्षित
हुए विद्यार्थियों के प्रदर्शन वा प्रस्तुति ने सबको बहुत ही
प्रभावित किया।
श्री योगेश शर्मा जी ने बतलाया कि वेदों के प्रकाश से
आलोकित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और समाज के
लिए वैदिक ज्ञान, आचार-विचार, और जीवन पद्धति
को अपनाने का एक आध्यात्मिक प्रयास है। यहाँ हम ने
उन दिव्य शिक्षाओं पर चर्चा किया जो न केवल हमारे
अंतर्मन का पोषण करती हैं, अपितु जीवन में उत्तम
स्वास्थ्य नैतिकता, संयम, विशिष्ट विद्यार्थियों निर्माण के
साथ, संतुलन का संचार करती हैं।
इस सफल कार्यक्रम का आयोजन वा संचालन ग्रुप 21
के विद्यार्थियों गुरुदत्त त्रिपाठी, जतिन सिंह, सावित्री
त्रिपाठी, सृष्टि पांडे, रविनीता गुप्ता, शिखर त्रिपाठी,
अर्नेव सिंह, वरुण नामदेव, राजकुमार, रुद्र आदि ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्रोच्चार और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम मे मुख्य आकर्षण वैदिक परिचर्चा एवं ग्रुप
21 के विद्यार्थियों का प्रस्तुतीकरण रहा।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
1. उत्तम स्वास्थ्य पर चर्चा:
2. जीवन अनुशासन
3. समय प्रबंधन:
4. विशिष्ट विद्यार्थी का निर्माण:
कार्यक्रम वैदिक परिचर्चा के प्रमुख अतिथियों के विचार:
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों ने अपने विचार साझा किए।
श्री सुधीर श्रीवास्तव जी, जो वैदिक विद्या के जानकार
हैं, ने कहा, “वैदिक चर्या न केवल विद्यार्थियों के लिए
बल्कि हर उम्र के लोगों के लिए आवश्यक है। यह
हमारी संस्कृति और जीवन का आधार है।”
श्री जी. एम. सिंह जी ने वैदिक चर्या के महत्व को
समकालीन जीवन में रेखांकित किया और इसे जीवन
में अपनाने की प्रेरणा दी।
श्री अजय मिश्रा जी ने बताया कि विद्यार्थियों को किस
प्रकार वैदिक चर्या सफल बनाने की एक एक अचूक
औषधि है।
कार्यक्रम मे पधारे विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी
अपने बच्चों के जीवन में हुए कई महत्तवपूर्ण
सकारात्मक बदलावों को सभी से साझा किया जो कि
ग्रुप 21 की गुणवत्ता का एक जीता जागता उदाहरणों
मे से एक था।
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समापन और संकल्प: कार्यक्रम मे पधारे समाजसेवी
श्री दिनेश शुक्ला ने कार्यक्रम का समापन करते हुए
कार्यक्रम एवं ग्रुप 21 की प्रसंसा की साथ ही श्री योगेश
शर्मा एवं ग्रुप 21 के उद्देश्य को आम जनता तक ले
जाने का संयुक्त संकल्प लिया।
विशिष्ट विद्वानों और आध्यात्मिक मनीषियों के
सान्निध्य में यह आयोजन एक यात्रा है, जो हमें हमारे
प्राचीन ऋषि-मुनियों की शिक्षाओं से जोड़कर आत्म-
ज्ञान, संस्कार, और जीवन में एक नयी दिशा प्राप्त
करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।
आपका आत्मीय,
वैदिक सनातन समुदाय,
ग्रुप 21, इकाई अमरपाटन
संपर्क सूत्र: 8839050405,












