
हमीरपुर: दारोगा विजय बहादुर यादव का वीडियो वायरल, युवक को जड़ा थप्पड़
हमीरपुर। थाना बिवांर के एक अधिकारी, दारोगा विजय बहादुर यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि दारोगा ने एक युवक को थप्पड़ मारते हुए गाड़ी में बैठाया। यह घटना बिवांर थाना क्षेत्र के बिभूनी गांव की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मामला उस युवक से जुड़ा है जो किसी स्थानीय विवाद में मारपीट का आरोपी था। दारोगा विजय बहादुर यादव उसे पकड़ने गए थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पहले दारोगा ने युवक से उसके कपड़े उतरवाए, उसके बाद थप्पड़ जड़कर उसे वाहन में बैठाया। इस पूरी कार्रवाई का दृश्य पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दारोगा का यह कदम कानून की प्रक्रिया की बजाय व्यक्तिगत कार्रवाई प्रतीत होता है। कुछ लोगों ने इसे “अत्यधिक अधिकार का इस्तेमाल” बताया है। वहीं, कुछ लोग पुलिस के इस कठोर रवैये की सराहना कर रहे हैं और इसे कानून के पालन के रूप में देख रहे हैं।
थाना बिवांर के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि यह मामला बिभूनी गांव का है। आरोपी युवक को पकड़ने के लिए दारोगा विजय बहादुर यादव ने कार्रवाई की थी। उन्होंने यह भी कहा कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस अधिकारियों द्वारा इस तरह की कार्रवाई न केवल कानूनी और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन कर सकती है, बल्कि सामाजिक और मीडिया में नकारात्मक छवि भी पैदा कर सकती है। पुलिस की कार्रवाई को हमेशा कानून के दायरे में रहकर करना आवश्यक होता है।
वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने लोगों में गहरी प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। कई उपयोगकर्ताओं ने दारोगा के व्यवहार की आलोचना की है और इसे “अत्यधिक शक्ति का दुरुपयोग” बताया है। कुछ लोगों ने इसे आरोपी युवक की गलती के प्रति उचित प्रतिक्रिया भी माना।
स्थानीय प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि वीडियो की पड़ताल की जाएगी और दारोगा विजय बहादुर यादव के कार्यों की कानूनी समीक्षा की जाएगी। पुलिस विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, जांच पूरी होने तक मामले को संवेदनशीलता के साथ रखा जाएगा।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि कानून प्रवर्तन के दौरान पुलिस अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रूप से कठोर कार्रवाई करना उचित है या नहीं। समाज में यह उम्मीद होती है कि पुलिस अपनी शक्ति का इस्तेमाल कानूनी ढांचे के भीतर करते हुए सुरक्षा और न्याय दोनों सुनिश्चित करे।
बिभूनी गांव के निवासी और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने इलाके में पुलिस और जनता के बीच विश्वास को चुनौती दी है। लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसी किसी भी कार्रवाई में पारदर्शिता और कानून का पालन सुनिश्चित किया जाए।
इस घटना के बाद प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि किसी अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर कानून का उल्लंघन किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वायरल वीडियो के प्रभाव से पूरे क्षेत्र में चर्चा और प्रतिक्रिया लगातार बढ़ रही है।
निष्कर्ष:
हमीरपुर के बिभूनी गांव में हुए इस वायरल वीडियो ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दारोगा विजय बहादुर यादव द्वारा युवक को थप्पड़ मारकर वाहन में बैठाने की यह घटना कानून और नैतिकता दोनों दृष्टियों से चर्चित हो गई है। अब सवाल यह उठता है कि पुलिस और समाज के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में क्या सुधारात्मक कदम उठाए जाएँ।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – समृद्ध भारत समाचार पत्र
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