

🚨🔴 हापुड़ के पिलखुवा में नृशंस हत्या — गन्ने के खेत में बैग के भीतर मिला महिला का कंकाल, 10–12 दिन पुराना शव देख किसान की चीख से गूंजा इलाका 🔴🚨
उत्तर प्रदेश के हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 9 के पास आज उस समय अफरा–तफरी मच गई जब गन्ने की फसल काट रहे एक किसान ने ईख के खेत में पड़े बैग के भीतर महिला का शव देखा। सड़े–गले शरीर को सूटकेसनुमा बैग में ठूँसकर खेत में फेंके जाने का दृश्य इतना वीभत्स था कि लाश कंकाल का रूप ले चुकी थी। बैग को खोलते ही दुर्गंध और कंकाल को देखकर किसान की चीख निकल गई और आसपास फसल काट रहे अन्य किसान भी सहम गए।
घटना की सूचना तुरंत कोतवाली पिलखुवा पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक सहित उच्चाधिकारी मौके पर पहुँचे और गहन जाँच शुरू कर दी। घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को भी बुलाया गया है, जो बैग, कंकाल, आसपास की मिट्टी, बाल, कपड़े के रेशे और अन्य जैविक नमूनों को संरक्षित कर परीक्षण में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार शव लगभग 10 से 12 दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। शरीर इस तरह गल चुका था कि अब हड्डियों का ढांचा ही शेष बचा है। मृतिका की उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच होने का अनुमान है, परंतु पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस अब आसपास के थानों में गुमशुदा महिलाओं की सूची, मोबाइल टावर डेटा, सीसीटीवी फुटेज, दिल्ली–एनसीआर क्षेत्र की रिपोर्ट और पूर्व घटनाओं का मिलान कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर महिला कौन हैं और किसने इतनी क्रूरता से वारदात को अंजाम दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बैग में बांधकर महिला का शव फेंकने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दिल्ली की एक महिला की हत्या कर शव को सूटकेस में रखकर पिलखुवा–पिलखुवा इलाके में फेंक दिया गया था, जिसकी घटना ने उस समय भी सनसनी मचाई थी। पुराने अपराध तरीके और इस घटना के तंत्र में समानता को देखते हुए पुलिस जाँच में धारावाहिक अपराध, व्यक्तिगत रंजिश, प्रेम–प्रसंग, फिरौती, पारिवारिक विवाद या मानव तस्करी जैसे संभावित कोण भी शामिल किए गए हैं।
मौके पर पहुँचे पुलिस अधीक्षक ने कहा—
“महिला की हत्या कर शव को बैग में रखकर छिपाने का प्रयास गंभीर अपराध है। घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया गया है। सभी वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हमारी जांच तेज़ी से आगे बढ़ रही है। जल्द ही मृतिका की पहचान कर दोषियों को दबोच लिया जाएगा। अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, सबूत उसके गिरेबान तक पहुँचा देंगे।”
घटना के बाद इलाके में रोष और भय का माहौल है। किसान, महिलाएँ और स्थानीय नागरिक पुलिस से यह सवाल पूछ रहे हैं कि इस तरह सार्वजनिक स्थानों पर शव फेंके जाने की घटनाएँ क्यों बढ़ रही हैं और अपराधियों में कानून का खौफ क्यों कम हो रहा है? प्रशासन भी इस घटना को अति संवेदनशील मानते हुए निगरानी बनाए हुए है और मामले में जल्द से जल्द खुलासे की तैयारी में जुटा है।
✍🏼 रिपोर्ट: एलिक सिंह












