
बलौदाबाजार, 9 मार्च 2026।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सोमवार को सिटी कोतवाली बलौदाबाजार में एक प्रभावी और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति समाज में जागरूकता फैलाना तथा महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग करना था। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और उपस्थित महिलाओं ने मिलकर महिला सम्मान और समानता का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत महिला शक्ति को नमन करते हुए की गई। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। शिक्षा, खेल, प्रशासन, राजनीति, विज्ञान और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो समाज के लिए गर्व की बात है।
इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध या अन्य समस्या की स्थिति में वे तुरंत पुलिस की मदद ले सकती हैं। पुलिस विभाग महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं तो परिवार, समाज और राष्ट्र भी मजबूत बनता है। इसलिए महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई और महिलाओं को साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और आत्मरक्षा के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पुलिस हमेशा महिलाओं के साथ खड़ी है और किसी भी प्रकार की समस्या में तुरंत सहायता प्रदान की जाएगी।
इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं का सम्मान भी किया गया और उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का माहौल उत्साह, सम्मान और प्रेरणा से भरा रहा। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
सिटी कोतवाली में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल महिला सम्मान का प्रतीक बना, बल्कि समाज में जागरूकता और समानता के संदेश को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी ने महिला सशक्तिकरण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।






