

होटलों से समोसे के मसालों के सैंपल लिए गए, लैब भेजे गए नमूने।
स्वच्छता के नियमों की अनदेखी पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत थमाया नोटिस।
भाटापारा/बलौदाबाजार: जिले में मिलावटखोरों और असुरक्षित खान-पान के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित “सही दवा, शुद्ध आहार—यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत शुक्रवार को भाटापारा शहर में हड़कंप मच गया। खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख होटलों और रेस्टोरेंट्स पर दबिश देकर गुणवत्ता की बारीकी से जांच की।
इन ठिकानों पर हुई जांच
प्रशासनिक अमले ने न्यू बस स्टैंड और सिटी सेंटर मॉल स्थित नामचीन दुकानों का निरीक्षण किया, जिनमें शामिल हैं:
श्री बब्बू स्वीट्स (न्यू बस स्टैंड)
सुरुचि राजस्थानी रेस्टोरेंट (न्यू बस स्टैंड)
हर्षद रेस्टोरेंट (सिटी सेंटर मॉल)
जांच के दौरान टीम ने समोसे के मसालों के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें तत्काल विश्लेषण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर नष्ट कराया गया दूषित आहार
निरीक्षण के दौरान ‘श्री बब्बू स्वीट्स’ में भारी अनियमितताएं पाई गईं। वहां असुरक्षित और अस्वास्थ्यकर तरीके से रखी गई लगभग 2 किलोग्राम बासी कढ़ी और चटनी को टीम ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया।
लापरवाही पर कड़ी फटकार और नोटिस
स्वच्छता मानकों की धज्जियां उड़ाने वाले संचालकों को प्रशासन ने आड़े हाथों लिया है। जांच में पाया गया कि:
फूड हैंडलर्स (कर्मचारी) व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान नहीं रख रहे थे।
कर्मचारियों का अनिवार्य वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया था।
किचन में काम के दौरान हेड कवर और ग्लव्स का उपयोग नहीं हो रहा था।
खाद्य पदार्थों को खुला छोड़ दिया गया था।
इन गंभीर कमियों के चलते खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अधिकारियों का संदेश: > “आम जनता की सेहत से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी होटल संचालक स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करें, वरना कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहें।”
सही दवा, शुद्ध आहार’ अभियान के तहत कलेक्टर के निर्देश पर सघन जांच।
जलेबी और बेसन लड्डू के नमूने लैब भेजे गए; गड़बड़ी मिलने पर होगी एफआईआर।
अखबार के कागज में खाना परोसने पर लगी रोक, संचालकों को सख्त हिदायत।
जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों और खान-पान में लापरवाही बरतने वाले होटल संचालकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के ड्रीम प्रोजेक्ट “सही दवा, शुद्ध आहार—यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत गुरुवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने बलौदाबाजार शहर के 12 प्रमुख होटलों और रेस्टोरेंट्स पर औचक दबिश दी। इस कार्रवाई से पूरे शहर के व्यवसायियों में हड़कंप मचा रहा।
इन प्रमुख प्रतिष्ठानों पर गिरी गाज
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शहर के हृदय स्थल और बस स्टैंड क्षेत्रों में स्थित संस्थानों का गहन निरीक्षण किया। जांच के दायरे में आने वाले प्रमुख होटल इस प्रकार हैं:
मानिकपुरी होटल
राजस्थानी भोजनालय एवं स्वीट्स
दुर्गा कैंटीन एवं होटल
बीकानेर स्वीट्स
रूपड़ा मिष्ठान भंडार
भगवती भंडार
राजेश होटल एवं अन्य।
सैंपल जब्त, प्रयोगशाला भेजे गए नमूने
निरीक्षण के दौरान टीम ने विशेष रूप से जलेबी और बेसन के लड्डू की गुणवत्ता पर संदेह जताया। इन खाद्य पदार्थों के नमूने सील कर तत्काल ‘राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला’ विश्लेषण हेतु भेज दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट में यदि किसी भी प्रकार की मिलावट या अमानक तत्व पाए जाते हैं, तो संबंधित फर्म के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही और अर्थदंड लगाया जाएगा।
अखबारी कागज के इस्तेमाल पर सख्त मनाही
जांच के दौरान टीम ने पाया कि कई होटलों में अब भी खाद्य पदार्थ परोसने के लिए अखबार के पन्नों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने इसे तत्काल बंद करने के निर्देश दिए और संचालकों को निम्नलिखित मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा:
लायसेंस का प्रदर्शन: प्रतिष्ठान के मुख्य हिस्से (Front) पर अनिवार्य रूप से फूड लाइसेंस डिस्प्ले करना होगा।
स्वच्छता और सुरक्षा: किचन में काम करने वाले ‘फूड हैंडलर्स’ के लिए हेड कवर और हैंड ग्लव्स पहनना अनिवार्य है।
हेल्थ चेकअप: सभी कर्मचारियों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।
पेयजल की शुद्धता: ग्राहकों के लिए केवल साफ और प्रमाणित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित हो।









