
“वंदे भारत लाईव्ह टीव्ही न्युज”। जि.प्रतिनिधी:-डॉ.पंजाबराव खाडे. महाराष्ट्र सरकार द्वारा मजदुर के लीये काम के घंटे बढाये। सरकार कहती है उत्पादन बढेगा। पर क्या सच्चाई स्विकार की जा सकती है। हर मजदुर 12 घंटा काम करेगा तो सोयेगा कब,अपने परिवार को समय दे पायेगा। ? जादा समय काम करनेसे उनकी कार्यक्षमता पर प्रभाव नही पडेगा।? दुसरे महायुध्द के पुर्व मजदुरोंको जानवर की तरह काम पर लगाया जाता था। पर युद्धके बाद मजदुर संघटना पुरे विश्वमे कार्य करने लगी। भारतमे भी यह हुवा,सभी संघटन ने मिलकर सरकार पर दबाव डलवाकर काम का मेहतांना,काम की 8घंटेअवधी,पी.एफ ग्रेजुयटीज्, सब कुछ अधिकार लिये। पर आज की सरकार कही पुंजीवादी के लीये काम तो कर नही रही,यह शक जनता को था। पर बाते खुलकर सामने आई है। सरकार मजदूर पर अन्याय कर,पुंजीवादी का फायदा देख रही है। यह बंद होना चाहिये। सरकार भारत के ‘सविंधान’का अपमान कर रही है। यह मजदुर,जनता,और देश के लिये घातक होगा। सरकार को यह 12 घंटे काम निर्णय पिछे लेना ही होगा ईस पर पुरे राज्य से मजदुर,संघटन द्वारा आवाज उठाई जा रही है। जो की जायज मांग है।








