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सहारनपुर मेला गुघाल हादसा: झूला गिरने से महिलाएं और बच्चे घायल, आयोजकों पर मुकदमा दर्ज – सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

खबर का असर: मेला गुघाल हादसे पर मुकदमा दर्ज, आयोजक कटघरे में ।

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सहारनपुर मेला गुघाल हादसा: झूला गिरने से महिलाएं और बच्चे घायल, आयोजकों पर मुकदमा दर्ज – सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

खबर का असर: मेला गुघाल हादसे पर मुकदमा दर्ज, आयोजक कटघरे में ।

सहारनपुर, 19 सितम्बर 2025।

सहारनपुर के चर्चित मेला गुघाल में 14 सितम्बर की रात हुआ झूला हादसा अब बड़े खुलासे के साथ सामने आ गया है। इस हादसे में कई महिलाएं और बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए थे। शुरुआती दौर में मेला आयोजकों ने जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की और यह भ्रामक सूचना फैलाई कि झूला दर्शकों द्वारा खुद चलाया जा रहा था। लेकिन लगातार उठ रही मीडिया की आवाज़ और पीड़ित पक्ष की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत ने सच्चाई को सामने ला दिया। अब थाना कुतुबशेर पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आयोजकों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

 

थाना कुतुबशेर पुलिस ने इस घटना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 289, 125 (a) और 125 (b) के अंतर्गत केस दर्ज किया है। पीड़ितों का स्पष्ट कहना है कि हादसा आयोजकों की लापरवाही और सुरक्षा मानकों का पालन न किए जाने के कारण हुआ। झूलों को सही तरीके से स्थापित नहीं किया गया था और पर्याप्त तकनीकी जांच भी नहीं की गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ और मासूमों की जान खतरे में पड़ गई।

 

इस मामले पर सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि क्या मेले में लगाए गए अन्य झूले और झूला संचालक भी सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर कार्य कर रहे हैं? यदि ऐसा है तो यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि आने वाले समय में किसी बड़े खतरे की आहट भी हो सकता है। प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि इस तरह के आयोजनों में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और झूलों को चलाने से पहले तकनीकी जांच अनिवार्य की जाए।

 

गौरतलब है कि वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्ध भारत समाचार पत्र ने इस पूरे मामले को लगातार प्रमुखता से उठाया और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। मीडिया के दबाव और रिपोर्टिंग का ही असर रहा कि आखिरकार इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और दोषियों की जिम्मेदारी तय की गई। यह पत्रकारिता की ताकत और जनता की आवाज़ को न्याय दिलाने की मिसाल है।

 

स्थानीय लोगों और मेले में शामिल रहे लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं होती तो आने वाले दिनों में ऐसे हादसे और भी लोगों की जान जोखिम में डाल सकते थे। अब उम्मीद जताई जा रही है कि पुलिस इस मामले में सख्ती बरतेगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

रिपोर्ट एलिक सिंह संपादक

समृद्ध भारत समाचार पत्र वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़

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