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छत्तीसगढ़ जिला सूरजपुर

सूरजपुर आमगांव ओसीएम में अचानक बवाल: बिना सूचना पहुंचे गार्डों ने महिलाओं पर बरसाईं लाठियां, विधायक ने खनन पर लगाई रोक

छत्तीसगढ़ जिला सूरजपुरRAJARAM KUSHWAHA: सूरजपुर: विकासखंड क्षेत्र के आमगांव स्थित ओपन कास्ट माइंस (ओसीएम) में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एसईसीएल (SECL) में कार्यरत सुरक्षा गार्ड बंदूक और डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और खदान विस्तार का विरोध कर रही ग्रामीण महिलाओं पर अचानक लाठीचार्ज कर दिया. इस हमले में दो महिलाओं को गंभीर चोटें आईं हैं. मामले की सूचना पर विधायक भूलन सिंह मरावी खुद मौके पर पहुंचे और कंपनी प्रबंधन को फटकार लगाते हुए खदान विस्तार पर रोक की बात कही.

घटना उस समय हुई जब ग्रामीणों ने खदान विस्तार का विरोध करना शुरू किया. दरअसल, आमगांव ओसीएम का विस्तार पटना गांव की ओर किया जाना है, लेकिन जमीन अधिग्रहण के बदले प्रभावित ग्रामीणों को न तो मुआवजा मिला है, न ही नौकरी सहित अन्य देयकों का भुगतान हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को वाजिब हक नहीं मिल जाता, तब तक खदान का कोई भी विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा.

शनिवार को खदान के अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड बिना किसी पूर्व सूचना के भारी मशीनों के साथ खुदाई के लिए पहुंच गए. जब ग्रामीण महिलाओं ने इसका विरोध किया तो गार्डों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया. महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया. गनीमत रही कि उसी समय पटना निवासी जनपद अध्यक्ष गुलाब सिंह और जनपद सदस्य कवल साय सिंह वहां से गुजर रहे थे. उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप कर हालात को शांत किया.
[18/10, 10:25 pm] RAJARAM KUSHWAHA: घटना की सूचना जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए. इसके पहले ही हमलावर गार्ड वहां से निकल भागे. विधायक भूलन सिंह मरावी को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल कलेक्टर और एसपी से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली. इस पर प्रशासन ने थानेदार और तहसीलदार को मौके पर भेजा. विधायक ने मौके पर पहुंचकर सब एरिया मैनेजर समेत अन्य अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट कहा कि जब तक सभी प्रभावितों को नौकरी, मुआवजा और अन्य लाभ नहीं मिल जाते, तब तक खदान का एक इंच भी विस्तार नहीं होगा.

364 लोगों को मिलनी है नौकरी

ज्ञात हो कि आमगांव ओपन कास्ट माइंस के लिए ग्राम पटना की ज़मीन अधिग्रहित की गई है. इसके बदले 364 लोगों को नौकरी दी जानी है, लेकिन अब तक एसईसीएल द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी की प्रक्रिया “नौ दिन चले, ढाई कोस” की कहावत को चरितार्थ कर रही है, जिससे ग्रामीणों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है.

घायल महिलाओं की रिपोर्ट दर्ज, कार्रवाई की मांग

विधायक भूलन सिंह ने टीआई को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित महिलाओं की रिपोर्ट दर्ज कर दोषी गार्डों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. फिलहाल इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और ग्रामीणों में एसईसीएल के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है.

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