
धनबाद : धनबाद के लोयाबाद थाना क्षेत्र के एकड़ा गांव में पिछले तीन दिनों से फैली दहशत ने आज जाकर चैन की सांस ली। गांव का माहौल किसी फिल्म के सस्पेंस सीन जैसा था, नायक नहीं, बल्कि एक फुर्तीला बंदर था खलनायक। जो न बच्चों को बख्श रहा था, न बुज़ुर्गों को। तीन दिन तक उसने गांववालों की नींद, चैन और हिम्मत, सब छीन ली थी। एकड़ा गांव में पिछले तीन दिनों से एक शरारती बंदर ने ऐसा आतंक मचाया कि लोग घर से निकलने में भी डरने लगे। कॉलोनी के करीब 15 लोग बंदर के हमले का शिकार हो चुके थे। ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम में शामिल वनरक्षी महावीर गोराई ने बंदर को घेरने की कोशिश की, मगर बंदर ने महावीर गोराई को काट लिया, जिससे वे घायल हो गये। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि “टीम दो दिन से कोशिश कर रही थी, लेकिन बंदर इतना चालाक था कि हर बार निकल भागता था।” वन कर्मियों के पास उपकरण कम थे, गांववालों ने भी मिलकर घेरा डाला, और आखिरकार तीसरे दिन की कड़ी मशक्कत के बाद बंदर को पकड़ लिया गया। DFO विकास पालीवाल ने बताया कि बंदर को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया है। लोगों की जुबां पर एक बात रेंगी, “अरे भाई, अब बंदर भी धनबाद की खबर बन गया।”








