A2Z सभी खबर सभी जिले की

यह सिर्फ़ नियमों की बात नहीं— यह हमारी हवा, हमारी मिट्टी और हमारी आने वाली पीढ़ियों के जीवन का सवाल है

हर दुकान पर बिकता पर्यावरण का क़ातिल, मौन साधे नगर पालिका और सिस्टम

प्रतिबंध काग़ज़ों में, ज़हर ज़मीनी हक़ीक़त में!
भाटापारा बना सिंगल यूज़ प्लास्टिक का खुला बाज़ार, प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सिंगल यूज़ प्लास्टिक, पॉलिथीन और डिस्पोज़ल सामग्री पर सख़्त प्रतिबंध के बावजूद भाटापारा शहर की तस्वीर बेहद चिंताजनक है। शहर की लगभग हर गली-चौराहे पर दुकानें खुलेआम ज़हरीली पॉलिथीन और प्रतिबंधित डिस्पोज़ल सामग्री बेच रही हैं, मानो क़ानून सिर्फ़ फाइलों तक सीमित रह गया हो।
नगर पालिका और पर्यावरण संरक्षण मंडल की ढीली कार्यप्रणाली का नतीजा यह है कि कुछ दुकानदार—श्याम डिस्पोज़ल, अमित ट्रेडर्स, हरीश फैंसी व अन्य—बोर्ड फैंसी या अन्य नामों की आड़ में खुलेआम प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री की बिक्री कर रहे हैं। यह केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि शहर के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि यदि समय रहते सख़्त कदम नहीं उठाए गए, तो भाटापारा पॉलिथीन का गढ़ बन जाएगा। अवैध उत्पादन भले ही काग़ज़ों में बंद दिखाया जा रहा हो, लेकिन हक़ीक़त यह है कि प्लास्टिक का अवैध निर्माण और आपूर्ति बदस्तूर जारी है। रायपुर, बिलासपुर जैसे बाहरी जिलों से ट्रांसपोर्ट और पार्सल के ज़रिए माल मंगाकर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में खपाया जा रहा है।
यह सवाल अब टालने लायक नहीं रहा—
कब जागेगा प्रशासन?
कब होगी अवैध निर्माताओं और विक्रेताओं पर वास्तविक कार्रवाई?
नगर पालिका अध्यक्ष से मांग है कि तत्काल विशेष प्रवर्तन टीम गठित कर ऐसे दुकानदारों पर छापेमारी की जाए, जुर्माना लगाया जाए और प्रतिबंधित सामग्री ज़ब्त की जाए। साथ ही, जन-जागरूकता अभियान चलाकर शहर को इस प्लास्टिक प्रदूषण से बचाया जाए।

Back to top button
error: Content is protected !!