
मनरेगा मजदूरों की मजदूरी लंबित – धन उपलब्ध होने के बावजूद भुगतान नहीं; अन्यथा योजना बंद की जाए : रविराज शिंद
महाराष्ट्र में मनरेगा (MGNREGA) मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए केंद्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र राज्य को मनरेगा मजदूरी हेतु करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जो स्टेट एम्प्लॉयमेंट गारंटी फंड (SEGF), बैंक ऑफ इंडिया, नागपुर के खाते में जमा है।
इसके बावजूद राज्य के कई जिलों में मजदूरों के बैंक खातों में अब तक मजदूरी जमा नहीं की गई है। अनेक स्थानों पर FTO तैयार होने के बावजूद PFMS प्रणाली के माध्यम से भुगतान नहीं हो रहा, जिससे ग्रामीण मजदूर और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
मनरेगा कानून के तहत समय पर मजदूरी देना अनिवार्य है। इसके बावजूद भुगतान में की जा रही देरी कानून का सीधा उल्लंघन है और मजदूरों के मौलिक एवं मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है। यदि प्रशासन समय पर मजदूरी देने में असमर्थ है, तो मजदूरों को गुमराह करना बंद करते हुए मनरेगा योजना को बंद करने का निर्णय लिया जाए, ऐसी कड़ी मांग मानवाधिकार कार्यकर्ता रविराज शिंदे ने की है।
यदि इस मामले में तत्काल ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो लोकायुक्त..











