दरभंगाबिहार

दरभंगा में बच्चों की कला ने रचा इतिहास, द्रोण एकेडमी बना मिसाल

दरभंगा के द्रोण एकेडमी में सरस्वती पूजनोत्सव पर आर्ट्स एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी आयोजित, बच्चों की मैथिल संस्कृति व रचनात्मक कला ने सभी को किया प्रभावित।

दरभंगा जिला के केवटी प्रखण्ड अंतर्गत पिण्डारूच गांव में अवस्थित द्रोण एकेडमी में सरस्वती पूजनोत्सव के पावन अवसर पर आर्ट्स एंड क्राफ्ट एक्जीविशन का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विद्यालय के बच्चों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शिक्षा के साथ संस्कृति और समाज के प्रति अपनी समझ को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। आयोजन में विद्यार्थियों की कलात्मक प्रस्तुतियों ने न केवल आगत अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों से भी भूरि-भूरि प्रशंसा प्राप्त की।

प्रदर्शनी के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत अधिकांश आर्ट्स मैथिल संस्कृति से जुड़े विषयों पर आधारित रहे। इनमें मिथिला पेंटिंग, लोकजीवन, पारंपरिक पर्व-त्योहार, ग्रामीण परिवेश, लोकनायकों और सांस्कृतिक प्रतीकों का जीवंत चित्रण किया गया था। बच्चों की कृतियों में रंगों का संतुलन, विषय की स्पष्टता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता देखते ही बन रही थी। अतिथियों ने इन रचनाओं को देखकर विद्यालय द्वारा बच्चों में स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इसके साथ ही विज्ञान एवं समाज विषयक आर्ट्स भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहे। विज्ञान से जुड़े मॉडलों और चित्रों में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता, नवीकरणीय ऊर्जा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों को सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट किया कि बच्चे न केवल कला में दक्ष हैं, बल्कि समसामयिक सामाजिक और वैज्ञानिक मुद्दों के प्रति भी सजग हैं।

क्राफ्ट सेक्शन में बच्चों द्वारा कागज, फूल-पत्तियों और अन्य प्राकृतिक एवं पुनर्चक्रण योग्य सामग्री से तैयार की गई कलाकृतियों ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया। इन क्राफ्ट्स में रचनात्मकता के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी निहित था। आगत अतिथियों ने बच्चों की कल्पनाशीलता और हाथों की सफाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ज्ञानेश चौधरी ने कहा कि द्रोण एकेडमी में अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में सप्ताह में एक दिन नियमित रूप से आर्ट्स एवं क्राफ्ट की ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि बच्चों की रचनात्मक क्षमता विकसित हो सके। इसके अलावा, सप्ताह में एक दिन मैथिली भाषा एवं मैथिल संस्कृति से जुड़ी शिक्षा भी दी जाती है, जिससे बच्चे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और स्थानीय विरासत को समझ सकें।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों में पंचायत के फिल्म कलाकार नवीन चौधरी, पूर्व सरपंच मिथिलेश मिश्र, सरपंच कन्हैया चौधरी, मुखिया गोपाल कुमार झा, नवजीत चौधरी, प्रवीण मिश्रा, अवकाश प्राप्त शिक्षक पं. शिवनाथ महाराज, तरूण चौधरी तथा अनादि फाउंडेशन के संस्थापक एवं दिल्ली यूनिवर्सिटी से अवकाशप्राप्त प्रोफेसर प्रदीप कान्त चौधरी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों ने बच्चों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और विद्यालय द्वारा सामाजिक स्तर पर दिए जा रहे सहयोग को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उनकी छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम का समापन सरस्वती वंदना और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ किया गया।

Sitesh Choudhary

चढ़ते हुए सूरज की परस्तिश नहीं करता, लेकिन, गिरती हुई दीवारों का हमदर्द हूँ।
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