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बस्ती में मौत का सौदा कर रहे हैं मरीयम और आइडियल अस्पताल, सीएमओ राजीव निगम धृतराष्ट्र की भूमिका में!

गरीबों की जान से खिलवाड़ कर रहे अवैध अस्पताल, सीएमओ की निष्क्रियता पर सवाल!

🏥बस्ती जिले मे खुलेआम अवैध तरीके से चल रहे मरियम व आइडियल जैसे मौत के हास्पिटल, धृतराष्ट्र बनकर घूम रहे सीएमओ राजीव निगम?🤩

⭐मरीयम और आइडियल अस्पताल: मौत का अड्डा या स्वास्थ्य सेवाएं?

⭐फर्जी डिग्रियों और संसाधनों के अभाव में चल रहे अस्पताल, मरीजों की जान खतरे में!

⭐रिश्वतखोरी में लिप्त स्वास्थ्य अधिकारी, गरीबों की जान दांव पर!

⭐बस्ती में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल, सीएमओ राजीव निगम की जवाबदेही पर सवाल!

⭐सफेद कोट में ‘मौत’ का कारोबार, आखिर कब जागेगा बस्ती का स्वास्थ्य महकमा?

बस्ती मंडल उत्तर प्रदेश।

बस्ती। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर ‘यमराज’ के अड्डों ने पैर पसार लिए हैं। मरियम और आइडियल जैसे अस्पताल आज आम जनता के लिए ‘खतरा-ए-जान’ बन चुके हैं, लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि जिले के स्वास्थ्य मुखिया, सीएमओ राजीव निगम, सब कुछ जानकर भी धृतराष्ट्र बने बैठे हैं। आखिर इन अवैध अस्पतालों को किसका संरक्षण प्राप्त है?

💫बिना योग्यता, बिना संसाधन: सिर्फ कागजों पर चल रहे ‘अस्पताल’

मरियम और आइडियल जैसे अस्पतालों की हकीकत यह है कि यहाँ न तो पर्याप्त संसाधन हैं और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। बिना किसी ठोस निरीक्षण के संचालित इन सेंटरों में अब तक कई महिलाओं की दर्दनाक मौतें हो चुकी हैं। मौतों का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की फाइलें कार्रवाई के बजाय शायद ‘सुविधा शुल्क’ के बोझ तले दबी हुई हैं।

💫फर्जी डिग्रियों की भरमार, नौसिखियों के हाथ में जान

इन अस्पतालों के विजिटिंग कार्ड्स को गौर से देखें तो डिग्रियों की ऐसी लंबी फेहरिस्त मिलेगी जो शायद ही किसी मेडिकल काउंसिल में दर्ज हो। खुद को विशेषज्ञ बताने वाले ये ‘नौसिखिए’ गरीब और मासूम मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। असली और नकली डॉक्टर की पहचान करना अब आम आदमी के बस की बात नहीं रही, क्योंकि विभाग ने जांच के नाम पर अपनी आँखें मूंद ली हैं।

💫रिश्वत की ‘भीख’ और साहबों की मजबूरी?

चर्चा तो यहाँ तक है कि विभाग के कुछ साहबों का गुजारा उनकी सरकारी सैलरी से नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि अवैध अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटरों से ‘नजराना’ वसूलने का खेल खुलेआम चल रहा है। कार्रवाई करने के नाम पर डिप्टी और एडिशनल सीएमओ के हाथ आखिर क्यों कांपने लगते हैं? क्या रिश्वत का यह खेल मौतों के सौदे से बड़ा हो गया है?

💫सवालों के घेरे में सीएमओ: और कितनी मौतों का इंतजार?

गरीब मरीज जब इलाज मांगने इन अस्पतालों में जाता है, तो उसे बदले में दर्दनाक मौत मिलती है। इसके बावजूद जिले के निजी अस्पतालों की उच्च स्तरीय जांच न होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

🔔क्या सीएमओ राजीव निगम मरियम और आइडियल में किसी और बड़े कांड का इंतजार कर रहे हैं?

🔔जिले के आला अधिकारी इस संगठित भ्रष्टाचार पर मौन क्यों हैं?

🔔अवैध अस्पतालों की लंबी सूची होने के बाद भी ‘बुलडोजर’ इन पर क्यों नहीं चलता?

बस्ती की जनता अब जवाब चाहती है। स्वास्थ्य विभाग की यह गहरी नींद कहीं और कई परिवारों को उजाड़ न दे।

रिपोर्ट:

अजीत मिश्रा (खोजी)

ब्यूरो, बस्ती मंडल (उत्तर प्रदेश)

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