दरभंगाबिहार

दरभंगा में गजल की रात ने लूटी महफिल

दरभंगा में अष्टदल महोत्सव के दूसरे दिन गजल संध्या का भव्य आयोजन हुआ। कलाकारों की प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।

दरभंगा में गजल की रंगीन शाम

अष्टदल महोत्सव के दूसरे दिन सजी महफिल

दरभंगा के हराही पोखर किनारे स्थित बहुद्देशीय भवन में शनिवार को सांस्कृतिक उत्साह देखने को मिला।

अष्टदल महोत्सव के दूसरे दिन “शाम-ए-गजल” का भव्य आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
पूरा परिसर सुरों और तालियों से गूंज उठा।


दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि से की गई।
दीप प्रज्वलन और अतिथियों का सम्मान हुआ।

मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वेदप्रकाश और वरिष्ठ कलाकार मनीष खंडेलवाल उपस्थित रहे।

“दरभंगा की सांस्कृतिक पहचान ऐसे आयोजनों से और मजबूत होती है।”

दोनों अतिथियों ने आयोजन की सराहना की।


कलाकारों ने बांधा समां

गजल संध्या में कई प्रसिद्ध कलाकारों ने प्रस्तुति दी।

मुख्य कलाकार:

  • दिवाकर कुमार झा
  • गौरव राय
  • सिद्धिशक्ति
  • सुनील नारायण

इन कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हर गजल के बाद तालियों की गूंज सुनाई दी।

तबला वादन में हर्ष चौधरी ने बेहतरीन संगत की।
उनकी लय ने कार्यक्रम को और प्रभावशाली बनाया।


दर्शक हुए भावुक और उत्साहित

गजल की मधुर धुनों पर लोग झूमते नजर आए।
कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह संगीत में डूब गया।

लोग देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।
हर प्रस्तुति को सराहना मिली।


आठ दिवसीय आयोजन का हिस्सा

कार्यक्रम के संयोजक सागर सिंह ने जानकारी दी। यह महोत्सव विश्व रंगमंच दिवस से हिंदी रंगमंच दिवस तक आयोजित हो रहा है।
कुल आठ दिनों तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे।


अगले दिन का कार्यक्रम

रविवार को भी खास आयोजन तय है।

कार्यक्रम सूची

समयकार्यक्रम
04:00 बजेकवि गोष्ठी
06:00 बजेद्वंद्व नाटक

दोनार स्थित परिसर में नाटक का मंचन होगा।
इच्छापूर्ति संस्था इसकी जिम्मेदारी संभालेगी।


देशभर के कलाकार होंगे शामिल

आयोजक सागर सिंह ने बताया कि महोत्सव में देशभर के कलाकार भाग लेंगे।

विभिन्न विधाओं के कलाकार दरभंगा पहुंचेंगे।
इससे स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा।


युवाओं की रही महत्वपूर्ण भूमिका

कार्यक्रम को सफल बनाने में युवाओं ने अहम योगदान दिया।

मुख्य सहयोगी:

  • अमन सिंह
  • शिवम् शांडिल्य
  • सत्यम् शब्दवर्धन
  • नेहा कुमारी
  • हर्षित कुमार
  • आर्यन
  • विशाल
  • किसुन
  • संध्या
  • नीलेश

इन सभी ने आयोजन को सुव्यवस्थित किया।


शहर के गणमान्य लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में शहर के कई प्रमुख लोग शामिल हुए।
मीडियाकर्मी और स्थानीय नागरिक भी बड़ी संख्या में पहुंचे।

इससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई।

अष्टदल महोत्सव का दूसरा दिन बेहद सफल रहा।
गजल की इस शाम ने दरभंगा को सांस्कृतिक ऊर्जा से भर दिया।

Ashtadal Mahotsav Darbhanga अब शहर के प्रमुख आयोजनों में अपनी पहचान बना रहा है।

Sitesh Choudhary

चढ़ते हुए सूरज की परस्तिश नहीं करता, लेकिन, गिरती हुई दीवारों का हमदर्द हूँ।
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