
*बोकारो स्टील सिटी :* विदेश में बैठकर व्यवसायियों से रंगदारी मांगने वाले कुख्यात प्रिंस खान के साथ मृत अमन साहू के अलावा राहुल दूबे व मयंक सिंह गिरोह के सात गुर्गों को पुलिस दबोचने में कामयाब हुई है। गिरफ्तार आरोपितों में एक प्रिंस कुमार गुप्ता उर्फ भाटिया ने गुरुवार की अहले सुबह पुलिस पर फायरिंग भी कर दी।
*जवाबी कार्रवाई में अपराधी के पैर में लगी गोली*
जवाबी कार्रवाई में प्रिंस के बाएं पैर में पुलिस की एक गोली लगी। घुटने के नीचे गोली लगने से वह घायल हो गया। इसे इलाज के लिए बीजीएच में भर्ती कराया गया है। एसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार सातों अपराधी अपने बास कुख्यात प्रिंस खान के साथ मृत अमन साहू गिरोह का संचालन करने वाले अपराधियों के अलावा राहुल दूबे व मयंक सिंह गिरोह के कहने पर यहां के व्यवसायियों से रंगदारी की मांग कर रहे थे।
पुलिस ने गिरोह के सात बदमाशों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों का नाम को-आपरेटिव कालोनी के प्लाट संख्या 304 निवासी 28 वर्षीय प्रिंस कुमार गुप्ता उर्फ भाटिया के साथ बंशीडीह चास निवासी श्याम कुमार सिंह, गोलू कुमार, शिवशक्ति कालेानी चास निवासी अजय सिंह, नंदुआ स्थान निवासी जयेंद्र शुक्ला, व बांसगोड़ा सिवनडीह निवासी भुपेंद्र सिंह है।
कप्तान ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी के बाद गिरोह के सरगना प्रिंस कुमार उर्फ भाटिया ने बताया कि वह गोड़ाबालीडीह पहाड़ी के पास हथियार छिपाकर रखा है। यहां जब उसे पुलिस की टीम लेकर गई तो वह छिपाकर रखा गया एक पिस्टल व तमंचा निकाला। तमंचा को वह पुलिस को दे दिया।
पिस्टल से वह अचानक पुलिस पर फायरिंग करने लगा। पुलिस ने पांच राउंड फायरिंग जवाबी कार्रवाई के तौर पर की। इसमें प्रिंस के बाएं पैर में घुटने के नीचे एक गोली लग गई। इसके बाद वह घायल हो गया। तुरंत उसे इलाज के लिए बीजीएच में भर्ती कराया गया। इस गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों की निशानदेही पर पुलिस ने दो लोडेड देशी कट्टा, लोडेड वह पिस्टल जिससे प्रिंस ने पुलिस पर फायरिंग की बरामद किया।
इसके अलावा कारबाइन की दो मैगजीन, रंगदारी मांगने के लिए प्रयोग किया जाने वाला मोबाइल एक स्कूटी समेत अन्य सामान बरामद हुआ। एसपी ने बताया कि मुठभेड़ में घायल कुख्यात प्रिंस उर्फ भाटिया पर दस आपराधिक मामले दर्ज हैँ। इसके अलावा श्याम व अजय पर पांच-पांच मामले दर्ज हैं।
*दबोचे नहीं जाते तो देते बड़ी घटना को अंजाम*
एसपी ने बताया कि व्यवसायियों से रंगदारी प्रिंस खान, के साथ मृत अमन साहू, राहुल दूबे व मयंक सिंह गिरोह के नाम पर मांगी जा रही थी। रंदगारी मांगने वाला प्रकाश शुक्ला नामक व्यक्ति था। पुलिस ने इस मामले में बीते माह 12 मार्च को बालीहीह औद्योगिक ओपी इलाके में व 16 मार्च को सिटी थाना में प्राथमिकी की थी। प्रिंस खान समेत अन्य गिरोह के नाम पर यह रंगदारी मांगी जा रही थी।
इस कांड के खुलासे के लिए एक विशेष पुलिस टीम बनाई गई। इस टीम में सिटी डीएसपी आलोक रंजन, मुख्यालय डीएसपी अनिमेष गुप्ता, बालीडीह थाना इंचार्ज नवीन कुमार सिंह, सिटी थाना इंचार्ज सुदामा कुमार दास सिटी थाना के दारोगा महती बोयपाई, बालडीह ओपी प्रभारी आनंद आजाद, संदीप कुमार, बीरमणी कुमार और चास थाना के दारोगा संदीप कुमार थे।
टीम के सदस्यों ने स्थानीय स्तर पर गिरोह का संचालन करने वाले प्रिंस कुमार गुप्ता उर्फ भाटिया को पहले दबोच लिया। इसकी निशानदेही पर इसके छह और साथी गिरफ्तार हुए। इसने बताया कि वह वहीं व्यवसायियों का मोबाइल नंबर खोजकर प्रकाश शुक्ला व विदेश में बैठे अपने बास प्रिंस खान को देता था। यह लोग यहां के व्यवसायियों को धमकी देते थे।
एसपी ने बताया कि यह गिरोह दहशत फैलाने की अब योजन पर काम रहा था। दो से तीन दिन के अंदर फायरिंग कर दहशत फैलाने की योजना पर यह गिरोह काम रहा था। गिरफ्त में अगर यह लोग नहीं आए होते तो किसी बड़ी को निश्चित तौर पर यह लोग अंजाम दे दिए होते।
जड़ के जमने के पहले ही पुलिस ने किया करारा प्रहार
बीते डेढ़ वर्ष पहले विदेश में बैठे कुख्यात प्रिंस खान ने बोकारो के अलावा बेरमो के स्वर्ण व्यवसायियों में दहशत फैलाकर रंगदारी मांगनी शुरू की थी। पुलिस सक्रिय हुई और इसके आधा दर्जन से अधिक साथियों को दबोचकर जेल भेजी थी।
उसके बाद सर्राफा व्यवसायियों को फिर रंगदारी के लिए न तो फोन आया और न ही फायरिंग ही हुई। एक बार फिर से बीते माह से ही कुख्यात प्रिंस खान समेत गिरोह के सदस्य अपने स्थानीय गुर्गों के माध्यम से व्यवसायियों का मोबाइल नंबर मांगकर रंगदारी के लिए फोन कर रहे थे। इसके लिए यहां काम करने वाले सात सदस्यों को पुलिस ने दबोच कर फिर से इस गिरोह की कमर तोड़ दी है।










