A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरे

Sonbhadra news:दुद्धी में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, भुगतान न मिलने से नाराज जनप्रतिनिधि

दुद्धी (सोनभद्र): सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति उस समय सवालों के घेरे में आ गई, जब जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जननी सुरक्षा योजना और टीबी (क्षय रोग) से पीड़ित मरीजों को मिलने वाले मानदेय में भारी अनियमितता सामने आई, जिस पर वे अधिकारियों पर जमकर बरसे।
निरीक्षण के दौरान यह गंभीर शिकायत मिली कि जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रसूता महिलाओं (जच्चा-बच्चा) को मिलने वाली आर्थिक सहायता कई महीनों से लंबित है। वहीं, टीबी मरीजों को हर महीने मिलने वाला पोषण सहायता मानदेय भी नियमित रूप से नहीं मिल पा रहा है। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जुबेर आलम ने अस्पताल प्रशासन को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ यदि पात्र व्यक्तियों तक समय पर नहीं पहुंचता, तो यह व्यवस्था की बड़ी विफलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब योजनाओं के लिए बजट आवंटित है, तो फिर लाभार्थियों के खातों में धनराशि पहुंचने में देरी क्यों हो रही है।
निरीक्षण के दौरान मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि वे कई बार अस्पताल का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है। न तो जननी सुरक्षा योजना का पैसा मिल पा रहा है और न ही टीबी मरीजों को मिलने वाला मासिक मानदेय।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जुबेर आलम ने मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित फाइलों का तत्काल निस्तारण कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे और आवश्यक हुआ तो जनहित में आंदोलन भी करेंगे।
उन्होंने दो टूक कहा—
“गरीब मरीजों के हक के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत जच्चा-बच्चा को मिलने वाला लाभ और टीबी मरीजों का मासिक मानदेय उनका अधिकार है, जिसे हर हाल में समय पर मिलना चाहिए।”
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सीएचसी दुद्धी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस दिशा में कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है।

Back to top button
error: Content is protected !!