
6 मार्च : जिले में 9 मार्च से शुरू होने वाले एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाबद्ध तरीके से काम करना चाहिए। पात्र बालिकाओं को टीकाकरण के बारे में सही जानकारी देकर अधिक से अधिक सहभाग सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, ऐसे निर्देश अपर जिलाधिकारी शैलेश हिंगे ने दिए।जिलाधिकारी कार्यालय में एचपीवी टीकाकरण अभियान के संबंध में आयोजित जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक में वे बोल रहे थे।बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बापूसाहेब नागरगोजे, जिला मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संदीप पुंड, महापालिका के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजुरकर, उप शिक्षा अधिकारी आकाश दरेकर सहित आईएमए (IMA), आईएपी (IAP) और फोगसी (FOGSI) के प्रतिनिधि उपस्थित थे।अपर जिलाधिकारी शैलेश हिंगे ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण बालिकाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। गर्भाशय के कैंसर जैसे गंभीर रोग से बचाव के लिए इस टीकाकरण अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग को शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान की सुदृढ़ योजना बनानी चाहिए।उन्होंने कहा कि स्कूलों में पात्र बालिकाओं का सही पंजीकरण कर उनका समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। माता-पिता में टीकाकरण को लेकर कोई भ्रम न रहे, इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। आंगनवाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से और ग्राम सभाओं के जरिए गांव-गांव तक जानकारी पहुंचाई जाए। टीकाकरण के दिन आवश्यक मानव संसाधन, दवाइयों का पर्याप्त भंडार तथा कोल्ड चेन (Cold Chain) व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश भी उन्होंने दिए।उन्होंने कहा कि प्रत्येक तालुका की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए और अभियान के दौरान आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। सभी विभागों के समन्वित प्रयास से इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नागरगोजे ने बताया कि 14 वर्ष पूर्ण और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के लिए यह एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। कुल जनसंख्या के लगभग 1 प्रतिशत लाभार्थियों को गार्डासिल-4 (Gardasil-4) टीके की एक ही खुराक दी जाएगी। यह टीका 0.5 मिली मात्रा में बाएं हाथ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशी में लगाया जाएगा।टीकाकरण सत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किए जाएंगे और सभी लाभार्थियों का पंजीकरण यू-विन (U-WIN) पोर्टल पर किया जाएगा। टीकाकरण से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभार्थी खाली पेट न हो। टीका लगाने से पहले चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्वास्थ्य जांच की जाएगी। किसी भी प्रतिकूल प्रभाव से बचाव के लिए उचित व्यवस्था की गई है और टीकाकरण के बाद लाभार्थी को 30 मिनट तक केंद्र पर ही रुकना होगा।इस अवसर पर नागरिकों से अपील की गई कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और गलत खबरों पर विश्वास न करें।बैठक में सभी चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधीक्षक, तालुका स्वास्थ्य अधिकारी तथा समूह विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित




