
खरीफ महाअभियान 2025: दरभंगा में जिला स्तरीय कार्यशाला का भव्य आयोजन, किसानों को नई तकनीकों से रूबरू कराया गया
दरभंगा, 22 मई 2025 – खरीफ महाअभियान 2025 के अंतर्गत दरभंगा के प्रेक्षागृह में जिला स्तरीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी श्री राजीव रौशन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। आयोजन की ज़िम्मेदारी कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), दरभंगा ने संभाली।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री रौशन ने खरीफ फसलों की उन्नत किस्मों, गुणवत्तापूर्ण बीज, समय पर बुआई और कृषि में प्राकृतिक संसाधनों के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि किसानों की आमदनी बढ़े, लागत कम हो और उत्पादन के माध्यम से निर्यात की दिशा में भी हम अग्रसर हों।”
उन्होंने कहा कि कृषि में आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण को अपनाकर किसान अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। उन्होंने बीज प्रतिस्थापन, मिट्टी परीक्षण और संतुलित उर्वरक प्रयोग की महत्ता को रेखांकित किया। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि यदि किसान अपनी जरूरत से ज्यादा उत्पादन करते हैं, तो विपणन और निर्यात की संभावना भी बढ़ती है, जिससे राज्य और देश की तरक्की तेज होती है।
कार्यशाला में संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, जिला कृषि पदाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी किसानों को वैज्ञानिक खेती, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषि कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंच संचालन अमित रंजन ने किया।
कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता के. परीक्षित, संयुक्त निदेशक शस्य श्री संजय नाथ तिवारी, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, डॉ. दिव्यांशु शेखर सहित जाले के प्रधान कृषि वैज्ञानिक और कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, एटीएम, बीटीएम, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक और कृषि सलाहकारों की भागीदारी से यह कार्यक्रम और भी सार्थक बन गया।
कार्यशाला के बाद यह घोषणा की गई कि ऐसी ही जागरूकता कार्यशालाएं अब प्रखंड स्तर पर भी आयोजित की जाएंगी और कृषि चौपाल के माध्यम से गांव-गांव तक किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह आयोजन न केवल खरीफ महाअभियान 2025 को गति देगा बल्कि दरभंगा को आत्मनिर्भर कृषि जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।




















