
इटवाः क्षेत्र में दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 80 प्रतिशत से अधिक धान की फसल अभी तक नहीं कट पाई है, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका है। कई खेतों में खड़ी फसलें गिर गई हैं, जिससे उनकी बर्बादी तय मानी जा रही है।

किसानों का कहना है कि
गुरुवार सुबह से शुरू हुई रिमझिम बारिश शुक्रवार को भी जारी रही। इस लगातार वर्षा के कारण तैयार धान की फसलेंभीग गई हैं और कई जगह खेतों में ही गिर गई हैं। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के लिए तैयार थी और कंबाइन का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन अब बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

किसान उमेश, संदीप कुमार और फिरोज ने बताया कि धान की फसल पूरी तरह तैयार थी, लेकिन बारिश से भीग गई है। अब नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अनीस अहमद, सुहेल, जितेंद्र कुमार और राजाराम जैसे अन्य किसानों ने कहा कि खेतों में खड़ी तैयार फसल गिर गई है, जिससे नुकसान निश्चित है।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि जहां फसल अभी कच्ची है, वहां ज्यादा नुकसान नहीं होगा और कटाई का समय थोड़ा बढ़ सकता है। हालांकि, जो फसल तैयार है और खेतों में गिर गई है, वहां अधिक नुकसान होने की संभावना है।
बारिश के कारण तापमान में भी प्रभावी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस था, जो गुरुवार को 26 और शुक्रवार को 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई है। मौसम विभाग ने शनिवार से मौसम में सुधार की संभावना जताई है।
किसानों ने बताया कि इस बार बुवाई और बीज विकास के समय भी मौसम ने साथ नहीं दिया था। समय पर खाद-यूरिया न मिलने के कारण भी उत्पादन प्रभावित हुआ था। किसी तरह फसल तैयार हुई थी, लेकिन अब बेमौसम बारिश ने उनकी बची-खुची उम्मीदों को भी तोड़ दिया है। राज्य कृषि मौसम केंद्र प्रभारी अतुल सिंह ने बताया कि चक्रवाती तूफानी मोंथा के प्रभाव से बेमौसम बारिश बनी हुई है। कल से मौसम ठीक होने की संभावना है।










