
सूरजपुर: दीपावली का पर्व इस बार गन्ना किसानों के लिए विशेष खुशियाँ लेकर आया. वर्षों से बोनस की बाट जोह रहे मां महामाया शक्कर कारखाना केरता से जुड़े कृषकों के खातों में इस बार 6.96 करोड़ रुपये का बोनस सीधे ट्रांसफर कर दिया गया. पर इस आर्थिक राहत की असली नायिका अगर कोई हैं, तो वह हैं- प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते, जिन्होंने इस मुद्दे को सिर्फ उठाया ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से व्यक्तिगत आग्रह कर किसानों की पीड़ा को प्राथमिकता में लाने का अथक प्रयास किया.
इस ऐतिहासिक पहल के पीछे एक संवेदनशील, जुझारू और कर्मठ जनप्रतिनिधि की संघर्ष गाथा छिपी है, जो हर सुख-दुख में अपने क्षेत्र के किसानों के साथ खड़ी रही हैं. विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने इस अवसर पर किसानों को संबोधित करते हुए कहा— मैंने विधानसभा में नहीं, खेतों की मिट्टी में जनता का विश्वास जीता है. जब किसानों के हिस्से का बोनस लटका हुआ था, तब मैंने इसे अपनी जिम्मेदारी समझा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का विशेष आभार, जिन्होंने किसानों के इस मुद्दे को प्राथमिकता दी और दिवाली से पहले बोनस जारी कर दिया. यह सिर्फ पैसा नहीं, किसानों के सम्मान की वापसी है.
उन्होंने आगे कहा— छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की सरकार है. चाहे समर्थन मूल्य हो, बोनस, सिंचाई सुविधा या कृषि यांत्रिकीकरण हर मोर्चे पर किसान हित सर्वोपरि है. आने वाले समय में हम प्रयास करेंगे कि बोनस राशि में और वृद्धि हो ताकि किसानों को उनकी मेहनत का संपूर्ण प्रतिफल मिल सके. कार्यक्रम में प्रतीकात्मक रूप से महिला कृषक जयमन खड़गवां, ललित चक्रधारी व गुलाब मिश्रा को डेमो चेक सौंपकर बोनस वितरण की शुरुआत की गई. सैकड़ों की संख्या में उपस्थित किसानों ने इस निर्णय का तहेदिल से स्वागत किया और विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया.
मंडल अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा— शकुंतला सिंह पोर्ते केवल विधायक नहीं, किसानों की आवाज़ हैं. उन्होंने कभी कागजों में किसानों को नहीं देखा, बल्कि खेतों में जाकर उनके संघर्ष को महसूस किया है. हम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी और विधायक जी के आभारी हैं, जिन्होंने प्रतापपुर के किसानों को दीपावली से पहले ये राहत दी. कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रामचंद्र गुप्ता, सौरभ गुप्ता, विश्वजीत सोनी, हेमंत पैकरा, नंदलाल, भेशकुमारी, भेद साय सहित भारी संख्या में किसान व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.
प्रशासन की ओर से महाप्रबंधक मति मिंज, एन.पी. बर्मन, प्रमोद चौहान, राजेश शर्मा, मनोज पढ़ी, सुनील तिवारी आदि अधिकारियों ने उपस्थिति दर्ज कराई. यह बोनस वितरण केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि एक जनप्रतिनिधि की संवेदना और नेतृत्व का प्रमाण था, जो हर खेत और हर किसान की नब्ज़ को पहचानता है.






