
सुरेन्द्र दुबे डिस्टिक हेड मध्य प्रदेश डीआईजी भोपाल आईजी रीवा प्रमुख सचिव मध्य प्रदेश शासन भोपाल मामले का जाच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही कर एवं रीवा पुलिस के द्वारा एक महीने के बाद निर्दोष लोगों के ऊपर लगाया गया दहेज प्रताड़ना का आरोप निराधार है सूत्रों कुंजबिहारी तिवारी के अडियों एवं अन्य अडियो की हम पुष्टि नहीं करते है जांच के बाद ही सफेद पोस नेताओं चेहरे नकब उतर सकता है
मध्यप्रदेश में अमृतकाल की जगह हवसकाल का विस्फोट चर्चा में बना हुआ है, सोशल मीडिया में देवतालाब विधायक गिरीश गौतम के निज सचिव पुष्पेंद्र गौतम का किसी महिला को लेकर आपत्तिजनक संदेहास्पद वार्तालाप का सनसनीखेज़ ऑडियो वायरल हो रहा है। जांच किया जाए
मध्य प्रदेश मौतगंज उपाधि विभूषित मऊगंज में अमृतकाल जनित हवसकाल के विस्फोट से फैली सनसनी
देवतालाब विधायक गिरीश गौतम के निज सचिव पुष्पेंद्र गौतम के हवसकाल का सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ है।
शिवराज जनित स्वर्णिम मध्यप्रदेश में अमृतकाल की जगह हवसकाल का विस्फोट चर्चा में बना हुआ है, सोशल मीडिया में देवतालाब विधायक गिरीश गौतम के निज सचिव पुष्पेंद्र गौतम का किसी महिला को लेकर आपत्तिजनक संदेहास्पद वार्तालाप का सनसनीखेज़ ऑडियो वायरल हो रहा है।
वायरल आडियो में जो बातें हो रही हैं वो शिखा मिश्रा के बारे मे इसके पति से हो रही है बात करने वाला व्याक्ति पुष्पेंद्र गौतम होने का दावा किया गया है।
सनसनीखेज़ बात है की जिस शिखा मिश्रा की बात हो रही है वो दुनियां में नहीं है शिखा ने आत्महत्या कर ली थी और उसी मामले से जुड़ा आडियो वायरल होने से जिले में तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
वार्तालाप से प्रतीत होता है की देवतालाब विधायक के pa ने विवाहित ब्राह्मण महिला शिखा मिश्रा को इतना परेशान किया कि उसने सुसाइड कर लिया।
शिखा मिश्रा जो देवतालाब महाविद्यालय में लैब कर्मचारी के रूप में पदस्थ थी जो जीवन लीला समाप्त ली कहानी का बदनुमा सच अब उजागर हो रहा है।।
मऊगंज बीजेपी विधायक पीए की हवसखोरी की दास्तान जिस्मगंज फाइल्स का सनसनीखेज़ पर्दाफाश 🔥🔥
देवतालाब विधायक गिरिश गौतम के निज सचिव पुष्पेंद्र गौतम की रसूख और हवस के जुनून की कहानी, जिसमगंज फाईल्स का सच बेहद खौफनाक और डरावना है।
मामले की परतें जैसे जैसे आमने आ रहीं हैं, वो होश उड़ाने वाली हैं।
मामले से जुड़ी एक सनसनीखेज़ रिपोर्ट सामने आई है, जो सियासी रसूख से जन्मी अंधी वासना और हवसखोरी के जुनून की काली परते उधेड़ने के लिए काफी है।
गौरतलब हो की ममला सामने आने के बाद भी देवतालाब विधायक गिरीश गौतम निज सचिव पुस्पेंद्र गौतम को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं जो जन मानस के लिए दुविधा जनक सबित हो रही है।
गम्भीर आरोपों के बाद विधायक की अघोषीत चुप्पी संदेहास्पद है क्या विधायक द्वारा पुष्पेंद्र गौतम को खुला समर्थन या बढ़ावा था??
ना बोलने की क्या मजबूरी हो सकती है??
क्या पुष्पेंद्र गौतम विधयक जी का बड़ा राजदार है??
इतने सनसनीखेज आरोपों के बाद भी मऊगंज के अघोषित अधिपतियो मे भी निस्क्रीयता दिखाई देती है कोई भी ब्राह्मण संगठन या महिला सशक्तिकरण संगठन मामले मे सक्रिय नहीं दिख रहे।
सत्ता से जुड़े संगठनों की बात छोड़ दी जाय तो जिले के सरकार विरोधी नेताओं ने भी खास रुचि अभी तक नही दिखाए है।
सत्ता का अखबारी महिला सशक्तिकरण लोगों को सोचने बोलने को विवश कर दिया है लेकीन जिम्मेदारों की चुप्पी चिंतनीय विषय है।।
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