
इटवा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्रशासन ने शिकायतों के निस्तारण को लेकर सख्त रुख अपनाया। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक अभिषेक महाजन की उपस्थिति में कुल 52 शिकायतों की सुनवाई की गई। इनमें से 7 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 45 शिकायतों को तीन दिन के भीतर शत-प्रतिशत निपटाने के निर्देश दिए गए।समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, लोक निर्माण विभाग और अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। राजस्व विभाग से सर्वाधिक 22 प्रार्थना पत्र मिले। इसके अलावा, पुलिस विभाग से 9, विकास से 6, विद्युत से 5, लोक निर्माण विभाग से 2 और अन्य विभागों से 8 शिकायतें दर्ज की गईं।

जिलाधिकारी ने पिछले समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने आवश्यक मामलों में जिला स्तरीय टीम गठित कर मौके पर जांच कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि तहसील समाधान दिवस और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण अनिवार्य है।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जांच की प्रक्रिया शिकायतकर्ता और विपक्षी दोनों की उपस्थिति में की जाए। कानूनगो और लेखपालों को भूमि संपत्ति रजिस्टर एवं भूमि विवाद रजिस्टर अनिवार्य रूप से तैयार रखने के लिए कहा गया। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि किसी भी विभाग का प्रकरण लंबित पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी रजत कुमार चौरसिया, उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पाण्डेय, जिला समाज कल्याण अधिकारी महिपाल सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह, तहसीलदार इटवा, क्षेत्र के सभी थानाध्यक्ष, खण्ड विकास अधिकारी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।










