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उपस्वास्थ्य केंद्र पुरगांव में ताला, समय से पहले बंद मिला केंद्र, कर्मचारी निजी काम में व्यस्त-ग्रामीणों में आक्रोश

चित्रसेन घृतलहरे, vandebharatlivetvnews/समृद्ध भारत //सारंगढ़–बिलाईगढ़। जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के विकासखंड बिलाईगढ़ अंतर्गत ग्राम पुरगांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में लापरवाही का गंभीर मामला उजागर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस केंद्र में तैनात ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी (RHO) राजेंद्र साहू और समुदाय स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) दीपिका बरभव के खिलाफ ग्रामीणों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि दोनों प्रतिदिन दोपहर 1 से 1:30 बजे के बीच स्वास्थ्य केंद्र बंद कर अपने घर चले जाते हैं। इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों को तुरंत मिलने वाली प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं।
औचक निरीक्षण में बंद मिला केंद्र, कर्मचारी नदारद
ग्रामीणों की शिकायतों की सच्चाई जानने हेतु मीडिया टीम ने बुधवार, 21 जनवरी 2026 को उप स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले थे।
स्वास्थ्य केंद्र दोपहर करीब 1:30 बजे पूरी तरह बंद मिला और दोनों कर्मचारी मौके से अनुपस्थित पाए गए।
पत्रकार ने किया सत्यापन, RHO ने खुद स्वीकार की गैर-हाजिरी
मामले की पुष्टि के लिए पत्रकार ने मरीज बनकर RHO राजेंद्र साहू को फोन किया और इलाज हेतु बुलाने का अनुरोध किया। इस पर RHO ने बिना हिचक स्वीकृति दी कि वह स्वास्थ्य केंद्र से बाहर है और “अपने निजी काम से घर आया हुआ हूँ।”
जब निजी काम की प्रकृति पूछी गई, तो उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चे के स्कूल के एनुअल फंक्शन में शामिल होने गए हैं।
व्यक्तिगत कार्यक्रम को सरकारी दायित्वों से ऊपर रखा
यह स्वीकारोक्ति स्पष्ट करती है कि दोनों स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकारी जिम्मेदारियों और मरीजों की जरूरतों से अधिक व्यक्तिगत कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी, जिसके चलते केंद्र निर्धारित समय से पहले बंद कर दिया गया और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं।
ग्रामीणों में रोष, कार्रवाई की मांग तेज
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह घटना कोई नई नहीं है, बल्कि उप स्वास्थ्य केंद्र में नियमों की अनदेखी, मनमानी और गैर-जिम्मेदारी का सिलसिला लंबे समय से जारी है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर लापरवाही और नियम उल्लंघन के मामले में क्या कठोर कदम उठाता है, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह विभागीय फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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