
अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨ATS की बड़ी कार्रवाई: खलीलाबाद से फर्जी आधार कार्ड गिरोह का सक्रिय सदस्य गिरफ्तार🚨
⭐खलीलाबाद से लखनऊ तक हड़कंप: लोहे की दुकान से चल रहा था फर्जी दस्तावेजों का काला खेल!
⭐एटीएस के शिकंजे में विनोद विश्वकर्मा: लैपटॉप और मोबाइल खोलेंगे देशविरोधी साजिश के राज!
⭐सावधान! खलीलाबाद बना फर्जी आधार कार्ड का अड्डा? एटीएस की रेड में बड़ा खुलासा!
⭐ खलीलाबाद से फर्जी आधार कार्ड सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य गिरफ्तार, लखनऊ ले गई एटीएस।
⭐अगस्त 2025 के बड़े फर्जीवाड़े से जुड़े तार, तकनीकी सहायता देने वाला आरोपी विनोद विश्वकर्मा धराया।
⭐सब्जी मंडी में छापेमारी: एनबीडब्ल्यू वारंट पर एटीएस ने आरोपी को उठाया, भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद।
बस्ती मंडल ब्यूरो, उत्तर प्रदेश।
संतकबीरनगर (खलीलाबाद)। उत्तर प्रदेश एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को एटीएस की टीम ने खलीलाबाद के सब्जी मंडी इलाके में छापेमारी कर एक युवक को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के नौरंगिया निवासी विनोद कुमार विश्वकर्मा के रूप में हुई है।
💫तकनीकी सहायता और दस्तावेजों का खेल
जांच में सामने आया है कि विनोद कुमार विश्वकर्मा इस गिरोह को तकनीकी सहायता प्रदान करता था। एटीएस ने आरोपी के पास से निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की हैं:
👉एक लैपटॉप (फर्जी डेटा प्रोसेसिंग के लिए प्रयुक्त)
👉स्मार्टफोन और कई सिम कार्ड
👉महत्वपूर्ण संदिग्ध दस्तावेज और पहचान पत्र
💫पुराने कनेक्शन से खुला राज
इस गिरफ्तारी के तार अगस्त 2025 में लखनऊ एटीएस द्वारा भंडाफोड़ किए गए एक बड़े सिंडिकेट से जुड़े हैं। उस समय प्रदेश के विभिन्न जिलों (आजमगढ़, सहारनपुर, औरैया आदि) से 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
💫मुख्य कड़ी: गोरखपुर से गिरफ्तार आरोपी राजीन तिवारी ने पूछताछ में विनोद के नाम का खुलासा किया था।
💫न्यायिक कार्रवाई: पुख्ता सबूत मिलने के बाद एटीएस ने विनोद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करवाया था।
💫छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
बुधवार को एटीएस इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह के नेतृत्व में टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से घेराबंदी की। विनोद अपनी लोहे और स्टील की दुकान पर मौजूद था, जहां से उसे हिरासत में लिया गया। कोतवाली में शुरुआती पूछताछ के बाद एटीएस की टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ ले गई है।
💫अधिकारियों का पक्ष:
“फर्जी दस्तावेज तैयार करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं, इसकी गहन जांच की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
💫नेटवर्क की अन्य कड़ियों की तलाश
एटीएस अब विनोद के लैपटॉप और मोबाइल के डेटा को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों या संदिग्ध तत्वों के फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं। आने वाले दिनों में संतकबीरनगर और आसपास के जिलों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।


















