
इटवा विकास क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में ‘रन फॉर यूनिटी’, प्रभात फेरी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय पचपेड़वा, सेमरा, महादेव, अमौना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा, कठेला जिगना,खड़सरी और सेमरी सहित कई स्थानों पर जयंती समारोह आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके देश हित में दिए गए अमूल्य योगदान और कृतियों पर प्रकाश डाला गया।

प्रधानाध्यापक बसंतु ने इस अवसर पर कहा कि सरदार पटेल ने देश के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अथक प्रयासों से भारतीय रियासतों का विलय हुआ और देश में अटूट एकता स्थापित हुई।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सरदार पटेल ने लगभग ढाई वर्षों तक कठिन परिश्रम किया। 15 दिसंबर 1950 को उनका निधन हो गया। भारत निर्माण में उनके योगदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने भारत के प्रथम गृह मंत्री के रूप में देश हित में अनुकरणीय योगदान दिए।
सरदार पटेल को समर्पित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर साधु बेट नामक द्वीप पर स्थित एक स्मारक है।










