

एक बार फिर फर्जी इलाज और लापरवाही ने एक गर्भवती महिला की जान ले ली। संस्कार हॉस्पिटल कटगी से जुड़ा यह मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।
कैसे हुई पूरी घटना?
मृतिका अंजू प्रजापति गर्भवती थी।
दिनांक 08 जून 2025, शाम करीब 6 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने उसे एक रिटायर्ड नर्स के पास ले जाकर डिलीवरी करवाई—जहां भारी लापरवाही बरती गई।
बच्चा मृत पैदा हुआ
महिला को अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया
उचित इलाज या संस्थान की जानकारी देने के बजाय, उसे संस्कार हॉस्पिटल कटगी भेज दिया गया
अस्पताल या मौत का ठिकाना?
संस्कार हॉस्पिटल पहुंचने पर स्थिति और बिगड़ गई—
👉 यहां इलाज कर रहा था दुखीत साहू, जो सिर्फ 12वीं पास है
👉 उसके पास कोई वैध मेडिकल डिग्री या दस्तावेज नहीं
👉 लगभग 2 घंटे तक लापरवाही भरा इलाज किया गया
जब हालात पूरी तरह बिगड़ गए, तब मरीज को जिला अस्पताल बलौदाबाजार ले जाने को कहा गया—
लेकिन रास्ते में ही डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में खुलासा
प्रार्थी दुर्गेश पटेल की रिपोर्ट पर थाना गिधौरी में
अपराध क्रमांक 273/2025
धारा 105, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज
पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के निर्देशन में जांच शुरू हुई, जिसमें सामने आया—
✔ बिना पंजीकृत डॉक्टर के अस्पताल संचालन
✔ बिना डिग्री व्यक्ति द्वारा इलाज
✔ प्रसव के दौरान गंभीर लापरवाही
✔ इलाज में देरी और गलत निर्णय
दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने लापरवाही से इलाज करना स्वीकार किया।
गिरफ्तार आरोपी—
1️⃣ जोहित राम साहू (40 वर्ष) – संचालक, निवासी बिल्हा, जिला बिलासपुर
2️⃣ दुखीत राम साहू (28 वर्ष) – फर्जी इलाजकर्ता, निवासी ग्राम खैरा, जिला बिलासपुर
दोनों को 14 दिसंबर 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी
एक अन्य आरोपी फरार, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी
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सवाल जो सिस्टम से पूछे जाने चाहिए
बिना डॉक्टर अस्पताल कैसे चल रहा था?
प्रशासन की निगरानी कहां थी?
कितनी और जानें ऐसे फर्जी इलाज की भेंट चढ़ेंगी?
एक महिला की मौत नहीं—यह चेतावनी है
यदि अब भी अवैध अस्पतालों और फर्जी डॉक्टरों पर सख्ती नहीं हुई, तो ऐसे हादसे बार-बार होते रहेंगे।
प्रकरण विवेचना में है…





