
मुरादाबाद में मोहम्मद फैज नाम का युवक देर रात
कांवड़ियों के लिए लगाए गए भंडारे में कपिल बनकर
घुस गया। युवक के हाथ पर ऊं का टैटू भी गुदा था।
पूछने पर उसने अपना नाम कपिल बतया । शक होने
पर लोगों ने उससे पूछताछ की तो उसने अपना असली
नाम मोहम्मद फैज बताया। इसके बाद कांवड़ियों ने उसे
पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
मामला मुरादाबाद जिले के बिलारी कस्बे का है। बिलारी
नगर में गांधी पार्क में भोले सेवा समिति की ओर से
बुधवार को कांवड़ियों के लिए भंडारे का आयोजन किया
गया था। बुधवार को रात करीब 7 बजे मोहम्मद फैज
निवासी नया गांव बहजोई इस भंडारे में पहुंचा। उसने
अपना नाम कपिल बताया और कांवड़ियों की सेवा में
लग गया।
बोला- हमारी कोई गलत मंशा नहीं थीमोहम्मद फैज के हाथ में ऊं का टैटू गुदा था। इसलिए
शुरू में किसी को उस पर शक नहीं हुआ। थोड़ी देर बाद
उसके हावभाव देख लोगों को शक हुआ तो उन्होंने उससे
सख्ती से पूछताछ की। इस पर उसने अपना असली
नाम पता लोगों को बताया। मोहम्मद फैज ने बताया कि
उसने अपने हाथ पर ऊं का टैटू इसीलिए गुदवा रखा था
ताकि किसी को उसके हिंदू होने पर शक न हो। हालांकि
वो बार-बार कहता रहा कि उसकी मंशा गलत नहीं थी
बल्कि वो भंडारे में खाना खाने की नीयत से आया था।
पूछताछ करने बाद कमेटी के लोगों ने उसे खाना
खिलाया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस इस
पहलू से भी जांच कर रही है कि आखिरकार मोहम्मद
फैज की क्या मंशा थी जो कपिल नाम रखकर और हाथ
में ऊं का टैटू गुदवा कर वो कांवड़ियों के भंडारे में घुसा
था। मोहम्मद फैज को बिलारी में पकड़ा गया जबकि वो
यहां से करीब 30 किमी दूर बहजोई का रहने वाला है।
कांवड़ियों के लिए लगाए गए भंडारे में कपिल बनकर
घुस गया। युवक के हाथ पर ऊं का टैटू भी गुदा था।
पूछने पर उसने अपना नाम कपिल बतया । शक होने
पर लोगों ने उससे पूछताछ की तो उसने अपना असली
नाम मोहम्मद फैज बताया। इसके बाद कांवड़ियों ने उसे
पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
मामला मुरादाबाद जिले के बिलारी कस्बे का है। बिलारी
नगर में गांधी पार्क में भोले सेवा समिति की ओर से
बुधवार को कांवड़ियों के लिए भंडारे का आयोजन किया
गया था। बुधवार को रात करीब 7 बजे मोहम्मद फैज
निवासी नया गांव बहजोई इस भंडारे में पहुंचा। उसने
अपना नाम कपिल बताया और कांवड़ियों की सेवा में
लग गया।
बोला- हमारी कोई गलत मंशा नहीं थीमोहम्मद फैज के हाथ में ऊं का टैटू गुदा था। इसलिए
शुरू में किसी को उस पर शक नहीं हुआ। थोड़ी देर बाद
उसके हावभाव देख लोगों को शक हुआ तो उन्होंने उससे
सख्ती से पूछताछ की। इस पर उसने अपना असली
नाम पता लोगों को बताया। मोहम्मद फैज ने बताया कि
उसने अपने हाथ पर ऊं का टैटू इसीलिए गुदवा रखा था
ताकि किसी को उसके हिंदू होने पर शक न हो। हालांकि
वो बार-बार कहता रहा कि उसकी मंशा गलत नहीं थी
बल्कि वो भंडारे में खाना खाने की नीयत से आया था।
पूछताछ करने बाद कमेटी के लोगों ने उसे खाना
खिलाया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस इस
पहलू से भी जांच कर रही है कि आखिरकार मोहम्मद
फैज की क्या मंशा थी जो कपिल नाम रखकर और हाथ
में ऊं का टैटू गुदवा कर वो कांवड़ियों के भंडारे में घुसा
था। मोहम्मद फैज को बिलारी में पकड़ा गया जबकि वो
यहां से करीब 30 किमी दूर बहजोई का रहने वाला है।