
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उदयपुर ब्यूरो चीफ/लिम्बाराम उटेर

कोटड़ा– आज के किशोर, जो आगे जाकर युवा बनेंगे, उनके क्षमतावर्धन, विकास और नेतृत्व के लिए कोटड़ा के 4 गाँवों में ‘समझो तो’ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बालिकाओं-बालक के साथ अलग-अलग व्यक्तिगत व सामाजिक मुद्दों पर समझ, चर्चा तथा संभावित समाधान पर बातचीत की जा रही है और सोशल एक्शन प्रोजेक्ट्स के माध्यम से संभावित कार्य किए जाएंगे।साथ ही उनके सॉफ्ट स्किल्स तथा हार्ड (व्यावसायिक) स्किल्स पर भी काम किया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए उनके साथ विद्युत वायरिंग पर एक सत्र आयोजित किया गया, जो बिकरनी निवासी ललित द्वारा लिया गया, जिन्हें इस कार्य का 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है, साथ में सुलाव निवासी नाना लाल ने चेतन और अवचेतन दिमाग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चेतन दिमाग से काम करने पर हम पहले सोचते हैं और फिर कार्य करने या न करने का निर्णय लेते हैं। जबकि अवचेतन दिमाग से हम बिना सोचे-समझे काम कर देते हैं, जिसका परिणाम कई बार सही नहीं होता, और अधिकतर दूसरों को दुख पहुँचाने वाले कार्य अवचेतन दिमाग से ही हो जाते हैं। इसलिए सभी कार्य चेतन दिमाग से करने की सलाह दी गई।बाखेल निवासी अल्पेश और अन्य साथियों द्वारा बच्चों को स्टेप अकादमी, उदयपुर ले जाया गया, जहाँ उन्हें विभिन्न कौशलों से परिचित कराया गया तथा उनसे संबंधित सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।यह कार्यक्रम उजाला फाउंडेशन क्षमतालय फाउंडेशन, और जतन संस्थान दवारा धरातल पर संचालित किया जा रहा है, जिसमें दिल्ली-आधारित कॉम्यूटिनी संस्था का सहयोग प्राप्त है। इस कार्यक्रम से 4 गाँवों से 160 बच्चे जुड़े हुए हैं।





