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कोटडा में विद्यालय भवन निर्माण को लेकर कलेक्टर को दिया ज्ञापन

@वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़@

@उदयपुर ब्यूरो चीफ/लिम्बाराम उटेर@ 

कोटड़ा उदयपुर जिले में आदिवासी क्षेत्र कोटड़ा की शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा मुद्दा सामने आया। एसएमसी फेडरेशन के सदस्यों ने जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में शिक्षा की बदहाल स्थिति पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

 

फेडरेशन के अध्यक्ष छगन लाल खैर ने बताया गया कि कोटड़ा ब्लॉक के 354 विद्यालयों में से 187 विद्यालयों को जमींदोज करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक केवल 20 विद्यालय ही ध्वस्त किए गए हैं, जबकि शेष भवन अत्यंत जर्जर हालत में खड़े हैं। आगामी मानसून को देखते हुए यह स्थिति बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।

 

फेडरेशन ने यह भी उजागर किया कि डीएमएफटी के तहत अगस्त 2025 में 65 विद्यालयों के मरम्मत कार्य के लिए 9 करोड़ 33 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इतनी बड़ी राशि स्वीकृत होने के बावजूद आज तक एक भी भवन का कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है, जिससे यह सवाल उठता है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में इतनी देरी क्यों हो रही है।

 

ज्ञापन में शिक्षा से जुड़ी एक और गंभीर समस्या पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि विद्यालयों के बीच दूरी अधिक होने के कारण बच्चों का ड्रॉपआउट लगातार बढ़ रहा है। छोटे बच्चों के लिए दूर-दराज के स्कूल तक पहुंचना मुश्किल होता है, जिससे वे बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। यह स्थिति विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा के अधिकार को प्रभावित कर रही है।

 

इसके अलावा, फेडरेशन ने मांग की कि कोटड़ा क्षेत्र के 13 राजस्व गांव ऐसे हैं जहां आज भी कोई विद्यालय नहीं है, वहां जल्द से जल्द नए विद्यालय खोले जाएं, ताकि हर बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित हो सके।

 

एसएमसी फेडरेशन ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले जर्जर विद्यालयों के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए, स्वीकृत बजट का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा दूरस्थ क्षेत्रों में नए विद्यालय खोलकर बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।

 

ज्ञापन सौंपने के दौरान फेडरेशन के सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह मुद्दा और गंभीर रूप ले सकता है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कितनी शीघ्रता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करता है।

सदस्य, छगनलाल खैर, चंदू देवी, पिंटू देवी, बबीता ने ज्ञापन दिया गया।

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