
जिला अस्पताल बैकुंठपुर में रायपुर की निजी संस्था की दी जा रही है जांच रिपोर्ट...
मरीज के परिजन ने कलेक्टर कोरिया से की शिकायत, जांच और कार्यवाही की मांग…
बैकुंठपुर कोरिया /
प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में आम जनता को राहत देने के लिए कई तरह की निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं अस्पतालों में उपलब्ध कराई जा रही है, जिनको लेकर शासन प्रशासन गंभीर है। विभिन्न योजनाओं और निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से अंतिम पंक्ति की आम जनता तक इसका लाभ पहुंचाया जा रहा है। किंतु प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के पूर्व गृह और वर्तमान पड़ोसी जिले कोरिया में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर जिला अस्पताल में इन दिनों अवैध वसूली जारी है। जांच के नाम पर पैथोलॉजी लैब में पदस्थ एक संविदा कर्मचारी और उसके द्वारा अवैधानिक रूप से रखे गए एक अन्य बाहरी व्यक्ति के द्वारा संयुक्त रूप से मरीजों और उनके परिजन से वसूली की जा रही है, जिसकी लिखित शिकायत समस्त दस्तावेजों के साथ गत दिनों कलेक्टर कोरिया से की गई है। लैब में पदस्थ उक्त संविदा कर्मचारी द्वारा जो जांच जिला अस्पताल में नहीं होती उनकी भी जांच रिपोर्ट दी जा रही है।अवैध रूप से मरीजों की बाहर से डायबिटीज (hba1c) की जांच के नाम पर रायपुर की एक संस्था वन ग्लोबल सर्विस प्रोवाइडर लिमिटेड के
एमडी पैथोलॉजी
डॉ धनंजय प्रसाद की डिजिटल साइन युक्त जांच रिपोर्ट जिला अस्पताल में दी जा रही है, ऐसी जानकारी मरीजों के परिजन से मिली है। यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा कि जांच रिपोर्ट फर्जी है या सही है। इसके अलावा उक्त कर्मचारी द्वय द्वारा जिला अस्पताल में केमिकल खरीदी के माध्यम से भी कर्मचारियों के द्वारा कमीशनखोरी का खेल चालू है। इन अवैध क्रियाकलापों में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध है, जिसकी भी जांच जरूरी है। इस बाबत गत दिनों जिला अस्पताल में अपनी मां को लेकर इलाज और जांच हेतु पहुंचे स्थानीय निवासी आशीष जायसवाल ने कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी से लिखित शिकायत करते हुए जांच और कार्यवाही की मांग की है।
आशीष जायसवाल ने अपने शिकायत पत्र में उल्लेखित किया है कि मैं गत 15 दिसम्बर 2025 को अपनी माताजी श्रीमती अनीता जयसवाल को लेकर जिला अस्पताल में आया था। परीक्षण के उपरांत डॉक्टर द्वारा पैथो लैब में जाँच कराने की सलाह दिया गया। लैब में जाँच के दौरान मुझसे लैब में पदस्थ संविदा कर्मचारी राधेश्याम चौरसिया एवं उनके सहयोगी आकाश गुप्ता द्वारा मुझसे छः सौ रूपये की मांग की गई। पैसा नहीं दिए जाने पर मुझे रिपोर्ट नहीं दी गई। रुपये लेने के पश्चात ही 17 दिसंबर 2025 को जांच रिपोर्ट दिया गया। पैसा लिये जाने का कारण मेरे द्वारा पूछे जाने पर उनके द्वारा कोई जवाब नही दिया गया। अतः महोदया आपसे विनम्र निवेदन है कि उपर्युक्त बातों पर ध्यान देते हुए उक्त अवैध वसूली और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की कृपा करें। जिससे कि इस तरह की अवैध वसूली पर अंकुश लगे और मरीजों तथा उनके परिजन को राहत मिल सके।















