
पंगेसियस मछली पालन से बढ़ेगी किसानों की आय, प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
शिवशरणप्पा जी. न. (जिलाधिकारी) की अध्यक्षता में सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी कपिलवस्तु के गौतम बुद्ध सभागार में पंगेसियस मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के प्राणी विज्ञान विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद के किसानों और मत्स्य पालकों को पंगेसियस मछली पालन की उन्नत तकनीकों, वैज्ञानिक तरीकों और इसके आर्थिक लाभों की जानकारी देना था। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को पंगेसियस मछली पालन की आधुनिक विधियों के बारे में विस्तार से बताया।
विशेषज्ञों ने बताया कि पंगेसियस मछली कम समय में अधिक
उत्पादन देने वाली प्रजाति है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। प्रशिक्षण में मछली के बीज चयन, तालाब की तैयारी, संतुलित आहार, जल गुणवत्ता प्रबंधन और रोग नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी दी गई। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनमें मत्स्य पालन एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन जैसे अतिरिक्त आय के स्रोत भी अपनाएं। उन्होंने कहा कि यदि पंगेसियस मछली पालन वैज्ञानिक तरीके से किया जाए तो यह किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

प्राणी विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि बाजार में पंगेसियस मछली की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे यह किसानों के लिए एक अच्छा व्यवसाय बन सकता है। उचित प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया
जा सकता है। इसके साथ ही मत्स्य पालन से रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होते हैं।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों ने विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और उन्हें व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे प्रशिक्षण से मिली जानकारी को अपनाकर आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों का उपयोग करें और अपनी आय बढ़ाएं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों द्वारा पंगेसियस मछली पालन प्रशिक्षण पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, मत्स्य पालक और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।











