

निवाड़ी। निवाड़ी विधायक अनिल जैन ने आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की जा रही GRAMJI योजना को ग्रामीण भारत के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में यह योजना मनरेगा से आगे बढ़ते हुए गांवों के स्थायी और समग्र विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
GRAMJI योजना का उद्देश्य – रोजगार के साथ स्थायी विकास
विधायक अनिल जैन ने बताया कि GRAMJI योजना का मुख्य उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, कृषि अधोसंरचना, तालाब, खेत-सड़क, सिंचाई व्यवस्था और उत्पादक कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मनरेगा और GRAMJI में क्या है अंतर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक ने स्पष्ट किया कि—
मनरेगा में जहां अस्थायी मजदूरी आधारित कार्य अधिक होते हैं,
वहीं GRAMJI योजना गांवों में लंबे समय तक लाभ देने वाले कार्यों पर केंद्रित है।
GRAMJI योजना के माध्यम से रोजगार के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने, गांवों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया है।
आमजन को होंगे प्रत्यक्ष लाभ
विधायक अनिल जैननिवाड़ी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक ने मनरेगा और GRAMJI योजना के अंतर को किया स्पष्ट ने कहा कि GRAMJI योजना से ग्रामीणों को
स्थानीय स्तर पर रोजगार,
कृषि से जुड़े नए अवसर,
जल संरक्षण से सिंचाई सुविधा,
और गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार मिलेगा।
इससे पलायन रुकेगा और युवाओं को अपने ही गांव में काम के अवसर उपलब्ध होंगे।
प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री का जताया आभार
प्रेस वार्ता के अंत में विधायक अनिल जैन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि GRAMJI योजना जनहित में लिया गया एक दूरदर्शी निर्णय है, जो ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने का कार्य करेगा।
पत्रकारों से की जनहित में सहयोग की अपील
उन्होंने पत्रकार साथियों से अपील की कि वे इस जनकल्याणकारी योजना की जानकारी अधिक से अधिक आमजन तक पहुंचाएं, ताकि ग्रामीण लोग योजना के लाभों से अवगत होकर इसका पूरा फायदा उठा सकें।






