

हेमंत नायक मंडला महाराजपुर
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ 🌐
नैनपुर/घंसौर
मंडला : नैनपुर थाना क्षेत्र की पिंडरई चौकी के अंतिम छोर स्थित ग्राम पंचायत पोटिया के ग्राम केवलारी, मुड़ापार और कुड़ोपार सियामऊ में शुक्रवार तड़के बकरी चोरी की बड़ी घटना सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि तीन युवक पिकअप वाहन में बकरियां भरकर ले जा रहे थे। सुबह लगभग चार से पांच बजे के बीच जब ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो चोरों ने चलती गाड़ी से पांच में से तीन बकरियों को फेंक दिया, जिसमें दो बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई।
यह घटना देखकर ग्रामीण उग्र हो गए और चोरों का पीछा करते हुए सियामऊ के पास गाड़ी को पकड़ लिया। चूंकि यह क्षेत्र घंसौर थाना सीमा में आता है, इसलिए ग्रामीणों ने आरोपियों और वाहन को घंसौर पुलिस के हवाले कर दिया। बताया गया कि पकड़े गए तीनों आरोपी पिंडरई क्षेत्र के निवासी हैं और चोरी में प्रयुक्त पिकअप भी पिंडरई क्षेत्र की बताई जा रही है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि घंसौर थाना पुलिस ने शुरुआती तौर पर आरोपियों को थाने ले जाकर पूछताछ की, लेकिन कुछ ही घंटों बाद बिना किसी ठोस कार्रवाई के आरोपियों को छोड़ दिया गया। जब इस संबंध में थाना प्रभारी घंसौर से जानकारी ली गई तो उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि मामला पिंडरई थाना क्षेत्र का है और उन्होंने वहां की चौकी को सूचना दे दी है। दूसरी ओर पिंडरई चौकी और नैनपुर थाना इस मामले से अनजान बने रहे।
एसडीओपी घंसौर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। बाद में बताया गया कि मामला आपसी समझौते के आधार पर निपटा दिया गया है और बकरी मालिकों को नुकसान की भरपाई के नाम पर रुपए दे दिए गए हैं।
सिवनी एसपी की सख्ती से हरकत में आई पुलिस
घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने और सिवनी पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता को इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने घंसौर थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद दो वाहनों के साथ घंसौर पुलिस टीम पिंडरई पहुंची और पुनः जांच शुरू की। चोरी में प्रयुक्त पिकअप को पिंडरई चौकी में खड़ा कराया गया और देर रात तक पुलिस जांच करती रही।
घटना का दर्दनाक पहलू
ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने पिकअप को रोकने की कोशिश की, तो चोरों ने घबराकर तीन बकरियों को गाड़ी से फेंक दिया, जिसमें दो की मौत हो गई। इस निर्मम कृत्य से गांव के लोग आक्रोशित हो उठे। उन्होंने पुलिस पर यह आरोप लगाया कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई की जाती, तो आरोपियों को छोड़ा नहीं जाता।
शपथ पत्र बनवाकर बचने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, एसपी की फटकार के बाद घंसौर पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए चोरी से पीड़ित ग्रामीणों से शपथ पत्र ले लिए हैं, जिसमें यह लिखा गया है कि बकरियों का मामला आपसी समझौते से सुलझ गया है या बकरियां बेच दी गई थीं।
हालांकि, यह सवाल अब भी कायम है कि —
अगर बकरियां बेची गई थीं, तो ग्रामीणों ने रात 4 बजे पिकअप का पीछा क्यों किया?
घटना के वीडियो जो सोशल मीडिया में प्रसारित हुए, क्या वे झूठे हैं?
मौके पर पुलिस का 112 वाहन क्यों बुलाया गया और उसकी डायरी में क्या लिखा गया?
यदि बकरी मालिकों ने बकरियां बेच दी थीं, तो पुलिस ने वाहन और आरोपियों को दोबारा क्यों पकड़ा?
एसपी ने कहा – मामले की जांच जारी है
इस संबंध में सिवनी पुलिस अधीक्षक सुनील मेहता ने कहा, “आपके माध्यम से जो जानकारी प्राप्त हुई है, मैं संबंधित थाना प्रभारी से विस्तृत जानकारी लेकर कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा हूँ।”
निष्कर्ष
घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस आपसी समझौते के नाम पर मामले को दबाने में जुटी है। फिलहाल चोरी की यह घटना पिंडरई चौकी क्षेत्र की सीमा में हुई है, और यदि ग्रामीण लिखित शिकायत देते हैं, तो चोरी का मामला वहीं दर्ज होगा।
बकरी चोरी की यह घटना न केवल पुलिस की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण इलाकों में छोटे अपराधों को किस तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
अब देखना यह है कि सिवनी एसपी की सख्ती के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है, या यह मामला भी “समझौते” के बोझ तले दब जाएगा।
(ग्रांड जीरो से दीपक शर्मा की रिपोर्ट )


