इतवाउत्तर प्रदेशगोंडागोरखपुरबस्तीबहराइचराम मंदिर अयोध्यालखनऊसिद्धार्थनगर 

बस्ती पुलिस की संवेदनहीनता: हत्या के बाद शव के लिए तरसे परिजन, SP दफ्तर पर ‘रणसंग्राम’

कप्तानगंज में खूनी खेल: मनोज की हत्या कर फेंकी लाश, शिनाख्त हुई तो पुलिस ने रोका शव; भड़का आक्रोश

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती में ‘जंगलराज’ की आहट? कप्तानगंज में हत्या से सनसनी, पुलिस की कार्यप्रणाली पर भड़के लोग

ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश।

  • दहशत में कप्तानगंज: खाकी की लापरवाही से सुलग उठा बस्ती, एसपी कार्यालय के सामने सड़क पर बैठे परिजन
  • इंसाफ की आस में सड़क पर लाश! कप्तानगंज हत्याकांड में पुलिस की सुस्ती पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
  • बस्ती में अपराधियों के बुलंद हौसले: सरेआम कत्ल कर फेंका शव, धरने पर बैठे परिजनों ने पुलिस को घेरा

बस्ती। जनपद का कप्तानगंज इलाका रविवार को दहल उठा। नगर पंचायत के कचोलिया गांव में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से जो सनसनी शुरू हुई थी, उसने देखते ही देखते एक बड़े जनाक्रोश का रूप ले लिया। पुलिस जिसे सुबह तक ‘अज्ञात’ मानकर पहेली सुलझाने का दावा कर रही थी, उसकी पहचान मस्जिदिया गांव निवासी मनोज कुमार के रूप में हुई। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई; पुलिस की सुस्ती और संवेदनहीनता ने मामले को एसपी दफ्तर की चौखट तक पहुँचा दिया है।

​हत्या के बाद सड़क पर संग्राम

​रविवार की सुबह जब ग्रामीण कचोलिया में शव देखकर सन्न थे, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मामला पुलिस प्रशासन के गले की फांस बन जाएगा। मनोज कुमार की हत्या कर शव फेंके जाने की खबर जैसे ही आग की तरह फैली, परिजनों का धैर्य जवाब दे गया।

हैरतअंगेज मोड़ तब आया जब पोस्टमार्टम होने के बावजूद परिजनों ने पुलिस पर शव न सौंपने का गंभीर आरोप लगाया। इस बात से आक्रोशित होकर दर्जनों लोगों ने बस्ती पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने मुख्य सड़क को जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए।

​पुलिस की ‘लापरवाही’ पर उठे तीखे सवाल

​धरने पर बैठे परिजनों का आरोप है कि कप्तानगंज पुलिस ने मामले में शुरू से ही लापरवाही बरती।

  • पहचान में देरी क्यों? जबकि मृतक पास के ही गांव का निवासी था।
  • शव देने में आनाकानी क्यों? परिजनों का आरोप है कि पुलिस सच छिपाने या दबाव बनाने के लिए पोस्टमार्टम के बाद भी शव सौंपने में टालमटोल कर रही है।

​छावनी में तब्दील हुआ एसपी दफ्तर

​सड़क जाम और धरने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) और सीओ सिटी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को समझाने और मनाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है।

“अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस सिर्फ फाइलें दबाने में जुटी है। जब तक इंसाफ नहीं मिलता और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, हम पीछे नहीं हटेंगे।”प्रदर्शनकारी परिजन

 

​जांच का आश्वासन या महज़ खानापूर्ति?

​फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस अधिकारी मामले की बारीकी से जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दे रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या कप्तानगंज पुलिस की सुस्ती ही इस बवाल की वजह बनी? आखिर मनोज की हत्या के पीछे किसका हाथ है?

देखना यह है कि पुलिस कप्तान इस मामले में लापरवाह मातहतों पर गाज गिराते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

प्रमुख बिंदु:

  • वारदात: कचोलिया में मनोज कुमार की हत्या कर फेंका गया शव।
  • पहचान: मृतक मस्जिदिया गांव का निवासी।
  • विवाद: पोस्टमार्टम के बाद शव न देने पर भड़के परिजन।
  • प्रदर्शन: एसपी कार्यालय के सामने सड़क जाम कर जोरदार धरना।
Back to top button
error: Content is protected !!