

आगरा। जनपद के थाना बसई अरेला क्षेत्र में एक महिला ने अपने ससुराल पक्ष के सात लोगों पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट, छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि दो बेटियों के जन्म के बाद ससुरालियों का रवैया पूरी तरह बदल गया और उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा। इतना ही नहीं, दो जेठ, जिनमें एक गांव का पूर्व प्रधान बताया जा रहा है, पर दुष्कर्म का आरोप भी लगाया गया है। गुरुग्राम में रह रही पीड़िता की शिकायत पर हरियाणा पुलिस ने संज्ञान लिया, जिसके बाद आगरा के थाना बसई अरेला में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।दर्ज रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता की शादी वर्ष 2014 में थाना बसई अरेला क्षेत्र के गांव स्याहीपुरा निवासी अखिलेश शर्मा से हुई थी। शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल पक्ष के लोगों का व्यवहार बदलने लगा।महिला का आरोप है कि पति अखिलेश शर्मा, सास मीना देवी, बड़े जेठ मुनेश शर्मा, बड़ी जेठानी मधु शर्मा, छोटे जेठ संतोष शर्मा, उनकी पत्नी रेशर्मा और ननद लक्ष्मी मिश्रा (पत्नी बृजेश मिश्रा) अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे।पीड़िता के अनुसार जब उसके यहां दो बेटियों का जन्म हुआ तो ससुरालियों का व्यवहार और ज्यादा कठोर हो गया। आए दिन बेटियों को लेकर ताने दिए जाते और उसे अपमानित किया जाता। महिला का आरोप है कि कई बार उसका पति उसे अपने दोस्तों के साथ जबरन संबंध बनाने के लिए दबाव डालता था। विरोध करने पर मारपीट की जाती।
जेठों पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म के गंभीर आरोप महिला ने आरोप लगाया कि उसके दोनों जेठ अकेले में पकड़कर अश्लील हरकतें करते, निजी अंगों को छूते और बलात्कार करते। पीड़िता का कहना है कि जब उसने इसकी शिकायत पति, सास और जेठानियों से की तो सभी ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी और कहा कि हमारे घर में ऐसा ही होता है। महिला ने का अनुसार छोटा जेठ संतोष शर्मा खुद को गांव का प्रधान बताकर धमकाता था।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो जेठ संतोष शर्मा ने धमकाते हुए कहा कि वह गांव का प्रधान है और पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इसके बाद उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया।
गुरुग्राम में नौकरी, फिर भी पीछा नहीं छोड़ा घर से निकाले जाने के बाद पीड़िता अपनी दोनों बेटियों को बहन के पास छोड़कर हरियाणा के गुरुग्राम चली गई और वहां एक कंपनी में नौकरी करने लगी। महिला का आरोप है कि वहां रहने के दौरान भी ससुराल पक्ष के लोग, खासकर पति फोन और व्हाट्सएप के जरिए उसे लगातार परेशान करते रहे। धमकी दी जाती थी कि नौकरी छोड़कर घर लौट आए और गुलाम बनकर रहे। सर्दी में कमरे के बाहर छोड़ दीं दोनों बेटियां
पीड़िता ने बताया कि एक दिन उसका पति दोनों बेटियों को बहन के घर से लाकर गुरुग्राम में उसके किराये के कमरे के बाहर भीषण सर्दी में छोड़ गया। बाद में उसने दोनों बेटियों को फिर से अपनी बहन के घर पहुंचाया।
ऑडियो-वीडियो और चैट पुलिस को सौंपे पीड़िता ने अपनी शिकायत के समर्थन में ऑडियो, वीडियो और व्हाट्सएप चैट पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। गुरुग्राम के डीसीपी क्राइम से शिकायत के बाद मामले को आगरा पुलिस को भेजा गया, जिसके बाद थाना बसई अरेला पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




