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मंडला MP हेमंत नायक महाराजपुर
मण्डला न्यूज़ 🌐 जिले के कोटवार संगठन ने घटिया क्वालिटी की रेडीमेड वर्दी एवं सामग्रियों के वितरण का विरोध करते हुए मंगलवार 23 सितंबर को जनसुनवाई में पहुंचकर अपना पक्ष रखा। संगठन का कहना है कि उन्हें जबरन घटिया कपड़े से बनी ढीली-ढाली वर्दी थोपने का प्रयास किया जा रहा है, जो देखने में *जोकर के पहनावे* जैसी लगती है। कोटवारों का स्पष्ट कहना है कि वे इस तरह की वर्दी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे।
संगठन के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रवक्ता शंकर दास पड़वार, जिला अध्यक्ष रंजीत पड़वार और संगठन मंत्री कुंवर दास धार्वैया ने बताया कि हाल ही में कलेक्टर मण्डला द्वारा जिले के समस्त तहसीलदारों के लिए वर्दी वितरण संबंधी आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले के करीब 750 कोटवारों में आक्रोश की लहर दौड़ गई। जगह-जगह पर चिंतन बैठकों का आयोजन किया गया और सामूहिक निर्णय लेकर जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत किया गया।
कोटवार संगठन की मांग है कि जैसे दो साल पूर्व वर्दी और अन्य सामग्री (दो जोड़ी वर्दी, गरम कोट, जूता एवं टॉर्च) की राशि सीधे कोटवारों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी, वैसे ही अब भी यह व्यवस्था लागू की जाए। कोटवार अपनी पसंद से कपड़ा खरीदकर वर्दी सिलवाकर पहनने को तैयार हैं, लेकिन घटिया रेडीमेड वर्दी स्वीकार नहीं करेंगे।
इस संबंध में प्रदेश स्तर पर संगठन ने हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। कोटवारों ने मांग रखी है कि जब तक अदालत का निर्णय नहीं आता, तब तक वर्दी का वितरण रोका जाए। यदि जबरन वर्दी थोपने का प्रयास किया गया तो समस्त कोटवार विरोध करेंगे और जिले भर का शासकीय कार्य ठप कर देंगे।
जनसुनवाई में कलेक्टर ने कहा कि जिला प्रशासन को शासन के निर्देशों का पालन करना होगा। इस उत्तर से कोटवार संगठन और अधिक चिंतित हो गया। उनका आरोप है कि सरकार बिचौलियों को लाभ पहुंचाने के लिए कोटवारों का शोषण कर रही है। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो सभी कोटवार कलेक्ट्रेट के सामने धरना-प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार करने मजबूर हो जाएंगे।
इस अवसर पर कोटवार संगठन के मार्गदर्शक पी.डी. खैरवार, जिला संगठन प्रभारी कुंवर दास धार्वैया, कोषाध्यक्ष धीरज बैरागी, सचिव मनोज झारिया सहित जिले भर से बड़ी संख्या में कोटवार मौजूद रहे।


