
बांगरदा (खरगोन) खंडवा जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम सिहाड़ा में नाभवंशी फुलमाली समाज युवा संगठन द्वारा समाज की प्रथम महिला शिक्षिका श्रीमती सावित्रीबाई फुले की जयंती नाभावंशी फूलमाली समाज मांगलिक भवन सिहाड़ा में समारोह पूर्वक बनाई। समारोह में सजातीय सामाजिक संगठन के समस्त पदाधिकारीयो ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए ।
नाभवंशी फूल वाली समाज युवा संगठन अध्यक्ष जितेंद्र मालाकार ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि नाभावंशी फूलमाली समाज युवा संगठन सिहाडा द्वारा प्रतिवर्ष सजातीय समुदाय की आदर्श एवं प्रथम महिला शिक्षिका श्रीमती सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर उनके आदर्शों को सजातीय समुदाय में घर-घर प्रसार हेतु समारोह का आयोजन किया जाता है। एवं प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित किया जाता है ।
इस अवसर पर कई सामाजिक वक्ताओं ने सावित्रीबाई फुले के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक घटनाओं से अवगत कराया। अध्यक्ष नरेंद्र मालाकार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का संघर्ष नारी शक्ति के लिए प्रेरणास पद है। संघर्षों के बाद भी लक्ष्य से नहीं हटना एवं अपने लक्ष्य को प्राप्त करना बहुत ही कठिन कार्य है। परंतु सावित्रीबाई फुले ने अपने लक्ष्य को प्राप्त कर प्रथम महिला शिक्षिका होने का गौरव प्राप्त किया। युवा समाजसेवी डॉक्टर विनोद मालाकार ने सावित्रीबाई के जीवन से जुड़ी घटना बताते हुए कहा कि जब महिला शिक्षिका के रूप में सावित्रीबाई पढ़ने के लिए जाती थी तो उनके ऊपर लोगों द्वारा गंदगी फेंक दी जाती थी। जिसके कारण सावित्रीबाई दो जोड़ी कपड़े लेकर जाती थी एवं अपने कार्य को पूरा करती थी।
समारोह के अंतिम चरण में प्रतिभाशाली एवं सर्वोच्च अंक प्राप्त बच्चों को प्रशंसा पत्र के साथ स्मृति चिन्ह सजातीय युवा संगठन द्वारा प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन निर्माण समिति अध्यक्ष शरद मालाकार ने किया इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ मिश्रीलाल मालाकार, लच्छू जी मालाकार, राधेश्याम मालाकार, युवा संगठन सचिव घनश्याम मालाकार, शिवम मालाकार के साथ बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।
:- रामेश्वर फूलकर पत्रकार बांगरदा









