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15 वर्षों से फरार तीस हज़ार रुपये का इनामी स्थाई वारंटी पुलिस शिकंजे में

सागर।वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664*जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने एवं लंबे समय से फरार गंभीर अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना गोपालगंज पुलिस को एक बड़ी और उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।
वर्ष 2011 से फरार एवं पुलिस महानिरीक्षक सागर द्वारा ₹30,000 के इनाम से घोषित स्थाई वारंटी आरोपी अब्दुल राशिद पिता अब्दुल वाहिद, निवासी शनिचरी चौगना, थाना गोपालगंज को पुलिस टीम द्वारा जयपुर (राजस्थान) से गिरफ्तार किया गया है। उक्त आरोपी पूर्व में हत्या के गंभीर प्रकरण में जेल में निरुद्ध था, जहां से उपचार के दौरान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद वह लगातार अपनी पहचान छुपाकर स्थान बदलता रहा और लगभग 15 वर्षों तक गिरफ्तारी से बचता रहा। प्रदेश के बाहर जयपुर में भेष बदलकर पुलिस टीम ने डाला डेरा,4-5 दिन की निगरानी के बाद गिरफ्तारी, पुलिस अधीक्षक सागर विकाश कुमार शाहवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिंहा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक ललित कश्यप तथा थाना प्रभारी गोपालगंज घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा सटीक रणनीति वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण एवं मजबूत सूचना तंत्र के आधार पर आरोपी के संभावित ठिकानों का पता लगाया गया। उप निरीक्षक नीरज जैन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रदेश के बाहर जयपुर में भेष बदलकर सिविल ड्रेस में 4-5 दिनों तक डेरा डालकर लगातार निगरानी (रैकी) की तथा स्थानीय स्तर पर सूचनाएं एकत्रित कीं। इस दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित करने में प्रधान आरक्षक सौरभ, आरक्षक कुलदीप एवं हेमेंद्र द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया, वहीं थाना स्तर पर आरक्षक हीरेन्द्र एवं थिरबम द्वारा इंटेलिजेंस का विश्लेषण किया गया। प्रधान आरक्षक अनिल प्रभाकर एवं उनके सहयोगी भरत व महेंद्र द्वारा रिकॉर्ड संधारण एवं दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया, जबकि आरक्षक दशरथ द्वारा जेल एवं अन्य अभिलेखों का सूक्ष्म अध्ययन कर आरोपी की प्रवृत्ति एवं छिपने के तरीकों की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई गई साथ ही आरोपी के मूल निवास क्षेत्र की महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्र करने में आरक्षक आनंद सिंधु एवं प्रदेश के बाहर गई टीम एवं अन्य टीमों के मध्य समन्वय स्थापित करने में उप निरीक्षक आरकेएस चौहान द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई लगातार निगरानी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति चिन्हित हुआ, जिसकी गतिविधियां एवं हुलिया आरोपी से मेल खाता पाया गया। टीम द्वारा सटीक रणनीति बनाते हुए घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया। पकड़े जाने के बाद प्रारंभिक पूछताछ में उसने स्वयं को “मदन” नाम से प्रस्तुत कर गुमराह करने का प्रयास किया, किन्तु पुलिस द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन एवं गहन पूछताछ के दौरान उसकी वास्तविक पहचान अब्दुल राशिद के रूप में स्थापित हुई, जिसे उसने स्वीकार किया।
वैधानिक कार्रवाई,गिरफ्तारी के उपरांत आरोपी को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूर्ण की गई तथा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर उसे जेल भेजा गया।
15 वर्षों से फरार इनामी आरोपी की गिरफ्तारी सागर पुलिस की रणनीति, धैर्य, तकनीकी दक्षता एवं जमीनी इंटेलिजेंस का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सिद्ध किया अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, पुलिस की पैनी नजर और मजबूत रणनीति से बच नहीं सकता। प्रदेश के बाहर जयपुर में सराहनीय भूमिका निभाने वाली टीम संपूर्ण कार्यवाही थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक नीरज जैन,प्रधान आरक्षक दीपक व्यास,आरक्षक आशीष, मनीष अन्य सहयोगी स्टाफ सागर पुलिस आमजन की सुरक्षा हेतु प्रतिबद्ध है।फरार अपराधियों के विरुद्ध इसी प्रकार की कड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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