
बप्पा की विदाई पर नम हुई आंखे, कान में बताई मनोकामना…
Anant Chaturdashi 2024 : पालीवासियों ने मंगलवार को विघ्नहर्ता मंगलकर्ता भगवान श्रीगणेश को विदाई दी। घरों एवं गणेशोत्सव पांडालों में स्थापित प्रतिमाओं के विसर्जन की शोभायात्रा में युवाओं ने म्यूजिक के साथ थिरकते हुए गजानन को विदा किया। जब वे अपने ग्रुप के साथ जुलूस में शामिल हुए तो गणपति बप्पा मोरया.., जय गणेश देवा.. जैसी धुन व सुरों के साथ उनके चेहरे पर खुशी के साथ बप्पा की विदाई का गम भी था। कई लोगों की आंखें तो बप्पा को जल में वसर्जित करते समय नम हो गई। लाखोटिया तालाब के चादरवाला बालाजी मार्ग पर पूरे दिन ‘अगले बरस तू जल्दी आ…,’ की गूंज रही। विसर्जन के दौरान प्रशासनिक अमला तैनात रहा। लाखोटिया सहित अन्य जगहों पर 8000 से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।तड़के से शुरू हुआ विसर्जन
शहर के लाखोटिया तालाब पर विसर्जन का क्रम तड़के से शुरू हो गया। जो देर रात तक जारी रहा। घरों व कई पांडालों में विराजमान गणपति बप्पा को उनके भक्त शोभायात्रा में ले जाने के बजाय सीधे नाचते-गाते व गुलाल उड़ाते हुए लाखोटिया के विसर्जन स्थल पर ले गए। वहां बप्पा को अपनी मनोकामना बताकर माता शिव व पार्वती के पास जाने के लिए विदा किया।सूरजपोल से शुरू हुई शोभायात्रा
गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन की मुख्य शोभायात्रा इस बार सूरजपोल से रवाना हुई। कारण था धानमंडी में जगह कम होना। वहां से प्रतिमाओं की शोभायात्रा धानमंडी पहुंची और कारवां इतना लम्बा हो गया कि बप्पा की पहली प्रतिमा लाखोटिया तालाब के विसर्जन स्थल पर पहुंची तो पीछे कहां रही यह पता नहीं लगा। पाली मेला सांस्कृतिक विकास समिति के तत्वावधान में निकली शोभायात्रा में आस्था से सराबोर शहरवासी गुलाल उड़ाते और जयकारे लगाते चले। गुलाल से शहर की सड़कें लाल व गुलाबी रंग से सराबोर हो गई। शोभायात्रा का मार्ग में जगह-जगह शहरवासियों ने स्वागत किया। शोभायात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई।




