
वंदेभारतलाइवटीव न्युज/ समृद्धभारत ई समाचार पत्र
शनिवार 20 दिसंबर 2025, छत्तीसगढ
=======> प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई के अंतर्गत निजी स्कूलों में बच्चों के प्रवेश को लेकर नियम मे परि परिवर्तन किया है। जानकारी अनुसार अब निजी स्कूलैं की 25% आरक्षित सीटों में गरीब परिवार के बच्चों को नर्सरी के स्थान पर केवल कक्षा पहली से ही प्रवेश दिया जायेगा। इससे राज्य सरकार को सालाना करोड़ो रूपयों की बचत होगी, परंतु गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई महंगी हो सकती है। बच्चों के अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। पहले शुल्क नहीं देना होता था, अब नर्सरी पीपी-1 पीपी-2 की फीस देनी पड़ सकती है। जानकारी अनुसार आरटीई एक्ट मे छह वर्ष से लेकर चौदह वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क शिक्षा का प्रावधान है। इसके अनुसार निजी स्कूलों में 25% सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित रहती हैं। जानकारी के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग ने बारह वर्ष पहले ऐसे परिवारों के बच्चों के लिए नर्सरी कक्षा से ही आरटीई का प्रावधान किया गया था। इससे सभी निजी स्कूलों में नर्सरी की 25% सीटें आरटीई मे आरक्षित हो गई थी। परंतु अब इन नये नियमों के बाद नये शिक्षा सत्र से केवल कक्षा पहली मे प्रवेश होगा।






