
अनिमेष स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में हादसा, 31 वर्षीय मजदूर की मौत
लंच के बाद काम पर लौटते ही बुझ गया घर का चिराग, फैक्ट्री परिसर में फूटा मजदूरों का आक्रोश
बलौदा बाजार:
जिले के औद्योगिक क्षेत्र से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अनिमेष स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में काम के दौरान हुए भीषण हादसे में 31 वर्षीय मजदूर तोष कुमार ध्रुव की जान चली गई।
तोष, जो बलौदा बाजार के कोलियारी गांव का निवासी था, परिवार का एकमात्र सहारा था। वह प्लांट में वेल्डर के हेल्पर के रूप में कार्यरत था। रोज की तरह लंच के बाद काम पर लौटा तो किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यही उसके जीवन का आखिरी दिन बन जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम शुरू करते ही वह एक हादसे का शिकार हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। साथियों ने तत्काल प्रबंधन को सूचना दी। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल बलौदा बाजार ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर रायपुर मेकाहारा रेफर किया गया। परिजन और साथी मजदूर उम्मीद की आखिरी डोर थामे उसे रायपुर लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान तोष ने दम तोड़ दिया।
उसकी मौत के साथ ही एक परिवार का भविष्य अंधेरे में डूब गया।

जिले के औद्योगिक क्षेत्र से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अनिमेष स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में काम के दौरान हुए भीषण हादसे में 31 वर्षीय मजदूर तोष कुमार ध्रुव की जान चली गई।
तोष, जो बलौदा बाजार के कोलियारी गांव का निवासी था, परिवार का एकमात्र सहारा था। वह प्लांट में वेल्डर के हेल्पर के रूप में कार्यरत था। रोज की तरह लंच के बाद काम पर लौटा तो किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यही उसके जीवन का आखिरी दिन बन जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम शुरू करते ही वह एक हादसे का शिकार हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। साथियों ने तत्काल प्रबंधन को सूचना दी। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल बलौदा बाजार ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर रायपुर मेकाहारा रेफर किया गया। परिजन और साथी मजदूर उम्मीद की आखिरी डोर थामे उसे रायपुर लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान तोष ने दम तोड़ दिया।
उसकी मौत के साथ ही एक परिवार का भविष्य अंधेरे में डूब गया।
मौत की खबर से फैक्ट्री में उबाल
जैसे ही मजदूर की मौत की सूचना फैली,अनिमेष इस्पात संयंत्र फैक्ट्री परिसर में तनाव फैल गया। सैकड़ों मजदूर, स्थानीय लोग और मृतक के साथी कर्मचारी प्लांट के बाहर जमा हो गए। गुस्से और गम से भरे लोगों ने प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया।
लोगों का कहना था कि उत्पादन के दबाव में मजदूरों की जान को जोखिम में डाला जा रहा है। हालात बिगड़ते देख मौके पर पुलिस प्रशासन को बुलाने की सूचना दी गई।
कंपनी प्रबंधन का पक्ष
घटना के बाद कंपनी प्रबंधन की ओर से संदीप पाटिल (डीजीएम एवं प्रोजेक्ट हेड) का बयान सामने आया। उन्होंने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा—
“यह एक बेहद दुखद हादसा है। कंपनी मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है। नियमानुसार मुआवजे को लेकर चर्चा की जा रही है। हर संभव सहायता दी जाएगी। मामले की आंतरिक जांच भी की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।”
गांव में मातम, मुआवजे की उठी मांग
तोष की मौत से कोलियारी गांव में शोक की लहर है। घर में मातम पसरा है, परिजन सदमे में हैं और बोलने की स्थिति में नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तोष परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है।
ग्रामीणों और मजदूर संगठनों ने मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित और त्वरित आर्थिक मुआवजा, साथ ही परिवार के किसी सदस्य को रोजगार दिया जाए, ताकि टूटते सपनों को कुछ सहारा मिल सके।



